Space for advertisement

Big News: हेलीकॉप्टर से पैसे गिराएगी सरकार, क्या आपके पास आया मैसेज, यहां देखे

सोशल मीडिया की दुनिया में एक खबर बड़ी तेजी से वायरल हो रही है। इस खबर में दावा किया जा रहा है कि सरकार हेलिकॉप्टर से पैसा गिराएगी। यानी कि हेलीकॉप्टर के जरिए होगी पैसों की बारिश। सोशल मीडिया पर चल रहे इस दावे पर पीआईबी ने फैक्ट चेक किया। तब पता चला कि एक टीवी फुटेज के स्क्रीनशॉट के जरिये यह झूठ फैलाया जा रहा है कि सरकार हेलिकॉप्टर के जरिये पैसा गिराएगी। ऐसे में प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक विंग ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा झूठा है और सरकार ऐसा कुछ नहीं करने जा रही है।

बात ये है कि तेलंगाना सीएम के सी राव ने कहा था कि हेलीकॉप्टर मनी के इस्तेमाल से राज्यों को मौजूदा संकट से उबरने में मदद मिलेगी। सीएम राव ने मांग की कि जीडीपी का 5 फीसदी फंड क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत जारी कर देना चाहिए। क्वांटिटेटिव ईजिंग एक ऐसी नीति है, जिसे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाएं अपनाती हैं। इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए यही एक कारगर तरीका माना जाता है।

आगे सीएम राव ने कहा, ‘आर्थिक संकट से उबरने के लिए हमें रणनीतिक आर्थिक नीति की जरूरत है। आरबीआई को क्वांटिटेटिव इजिंग पॉलिसी को लागू करना चाहिए। इसे हेलीकॉप्टर मनी कहते हैं। इससे राज्यों और वित्तीय सं​स्थानों के पास पर्याप्त फंड मिलेगा और इस संकट से ​निकल सकते हैं।’

तो फिर क्या इसके बाद से ही यह अफवाहें उ़ड़ने लगी कि सरकार हेलिकॉप्टर से पैसा गिराएगी। पिछले दिनों सरकार की ओर से आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए हेलिकॉप्टर मनी जारी किया जाएगा।

यानी इसका मतलब है कि हेलिकॉप्टर मनी की व्यवस्था के तहत केंद्रीय बैंक सरकार को ऐसे रकम जारी करती है, जिसका पुनर्भुगतान नहीं करना होता है। इसके जरिये आम लोगों के हाथ में अधिक पैसा पहुंचाया जाता है ताकि वो अपना खर्च बढ़ाएं और इससे अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिल सके।

बता दें कि हेलीकॉप्टर मनी मौद्रिक नीति का एक अपरंपरागत टूल है, जिसके जरिये अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाया जाता है। इसके तहत बड़े स्तर पर पैसों की छपाई की जाती है और आम लोगों तक इसे पहुंचाया जाता है। इस शब्द का सबसे पहले इस्तेमाल अमेरिकी अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रेडमैन ने किया था।

अमेरिकी अर्थशास्त्री मिल्टन फ्रेडमैन ने इसको लेकर कहा था कि अर्थव्यवस्था में अचानक पैसे बढ़ा देने से सुस्ती से निजात मिलेगी और ग्रोथ में तेजी आएगी। इस तरह की नीति के तहत, केंद्रीय बैंक सरकार के जरिये पैसों की सप्लाई बढ़ा देता है और लोगों तक नया कैश पहुंचाता है। इससे उत्पादों की मांग में इजाफा होता है और मुद्रास्फीति भी बढ़ती है।
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!