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सुकन्या समृद्धि बिटिया को बनाएगी रानी, मां-पिता को नहीं होगी परेशानी

सुकन्या समृद्धि बिटिया को बनाएगी रानी, मां-पिता को नहीं होगी परेशानी
केंद्र सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों को स्वावलंबी बनाने के साथ ही उनके सुरक्षित भविष्य के लिए डाक विभाग ने सुकन्या समृद्धि योजना को अब घर-घर तक पहुंचाने की पहल शुरू की है। मंगलवार से बिटिया को रानी बनाओ, सुकन्या समृद्धि योजना का खाता खुलाओ तीन दिवसीय विशेष अभियान लखीसराय डाक मंडल अंतर्गत शुरू किया गया। मुख्यालय स्थित मुख्य डाक घर में सहायक डाक अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद ने लखीसराय प्रखंड के महिसोना गांव की जुली देवी, रानी देवी एवं सुलेखा देवी की बच्ची के हाथों में पासबुक देकर 9 से 11 जून तक चलने वाले अभियान की शुरुआत की। पहले दिन करीब 500 महिलाओं ने अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए योजना के तहत खाता खुलवाया। अभियान के तहत दो हजार बच्चियों का खाता खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले जिले में 10,000 महिलाएं अपनी बेटियों के नाम खाता खुलवा चुकी है। योजना के प्रति महिलाओं में जागरूकता बढ़ी है। इस मौके पर शाखा डाकपाल अनिल कुमार, डाक अधिदर्शक श्यामनंदन सिंह, मुनेशर प्रसाद भी मौजूद थे।

न्यूनतम दस साल उम्र का बंधन

सहायक डाक अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद ने बताया कि सिर्फ उन्हीं बच्चियों का खाता खोला जा सकता है जिनकी उम्र 10 साल से कम होगी। बच्ची की उम्र 18 साल पूरा होने के बाद जमा की गई राशि का 50 प्रतिशत उसके उच्चतर शिक्षा के लिए निकासी की जा सकती है। एक परिवार की प्रथम दो बच्चियों का ही खाता खोला जा सकता है। जुड़वा होने की स्थिति में तीन बच्चियों तक का खाता खोला जा सकता है। खाता खोलने के लिए बच्ची, उसके माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेजों की जरूरत होती है।

ऐसे खुलेगा डाकघर में खाता

डाकघर में इस योजना का लाभ हर कोई ले सकता है। आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में पहुंचकर बेटी का बर्थ सर्टिफिकेट, माता-पिता का आधार कार्ड, तीन फोटो और 250 रुपये से यह खाता खुलवा सकते हैं। इस खाता में एक वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इसकी ब्याज दर बेहद आकर्षक है जो हर तरह की टैक्स में छूट है।

बच्चियां होंगी स्वाबलंबी

दरअसल डाक विभाग ने बच्चियों को स्वावलंबी बनाने का संकल्प लिया है। प्राय: देखा जाता है कि जैसे-जैसे बेटियां बड़ी होती हैं, उनकी पढ़ाई और विवाह को लेकर माता-पिता की चिता भी बढ़ती चली जाती है। इस चिता को कम करने के लिए ही सरकार ने इसकी शुरुआत की।

घर-घर जाकर करेंगे जागरूक

अभियान में ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका अहम है। बताया कि वे गांवों में घर-घर जाकर लोगों को इसके लिए जागरूक करेंगे। इसके फायदों के बारे में बताया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि कैसे आज की छोटी बचत बच्ची के लिए बेहतर साबित होगा। भविष्य निर्माण में मदद करेगा।

अच्छा काम करने पर सम्मानित किए जाएंगे

योजना से जन्म से लेकर दस वर्ष तक की उम्र की छोटी बच्चियों को जोड़ना है। अच्छा काम करने वाले डाकपालों को विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र व अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। इसमें ग्रामीण डाक सेवकों की भूमिका अहम होगी।
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