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सैनिटाइजर में मौजूद अल्कोहल ने इस शख्स को पहुंचाया अस्पताल, 3 साल की मशक्कत के बाद छोड़ी थी शराब

सैनिटाइजर में मौजूद अल्कोहल ने इस शख्स को पहुंचाया अस्पताल, 3 साल की मशक्कत के बाद छोड़ी थी शराब

मुंबई में नशा मुक्ति का इलाज लेने वाले एक शख्स को सैनिटाइजर के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. 43 वर्षीय ये शख्स शराब के नशे से मुक्ति के लिए पिछले 3 सालों से मेडिकेशन पर थे.

एक जरूरी काम से जब वो बैंक गए तो वहां कोरोना प्रोटोकॉल की वजह से उन्हें अल्कोहल की मात्रा वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना पड़ा. सैनिटाइजर यूज करते ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी. जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा.

एल्कोहॉल वाले सैनिटाइजर को लगाने के साथ ही व्यक्ति का चेहरा लाल पड़ने लगा और हार्ट बीट बहुत ज्यादा बढ़ गई. उन्हें फौरन अंधेरी के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हार्ट रेट 102-103 बीट्स प्रति मिनट दर्ज की गई. डॉक्टर्स ने उन्हें एंटीएलर्जिक देने के साथ ही ECG भी किया.

हालांकि एक घंटे के अंदर ही उनके लक्षण सामान्य हो गए.
हॉस्पिटल की तरफ से मरीज के साइकियाट्रिस्ट डॉक्टर अविनाश डिसूजा को फोन किया गया. जांच में यही पता चला कि बीते 3 सालों से शराब के लिए ट्रीटमेंट करवा रहे शख्स को डाइसल्फीरम रिएक्शन हुआ, जिसकी वजह एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का यूज करना था.

दरअसल 43 वर्षीय शख्स को एक दशक से शराब की लत थी. वो पिछले तीन सालों से इसके लिए ट्रीटमेंट करवा रहे थे.

बता दें, यह घटना ऑक्सफोर्ड जॉर्नल अल्कोहल एंड अल्कोहलिज्म के जुलाई अंक में प्रकाशित भी हुई. इसने एक परिचर्चा को जन्म भी दे दिया कि क्या रिएक्शन की वजह सैनिटाइजर में इथेनॉल के अवशोषण या सांस खींचना शामिल है.

डॉक्टर डिसूजा ने बताया कि पिछले 6 दशक से शराब की लत को ठीक करने के लिए डाइसल्फीरम दवा का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन सैनिटाइजर के इस्तेमाल की वजह से रिएक्शन होने की घटना पहली बार सामने आई है.

ब्रिटेन के एक रिसर्चर ने इस केस पर एक्सपेरिमेंट भी किया, जिसका मकसद यह देखना था कि क्या रिएक्शन की वजह स्किन से अवशोषण (absorption) रही या फिर सांस लेने (inhalation) की वजह से ऐसे हुआ. प्रयोग के नतीजों में यह सामने आया कि रिएक्शन की वजह इथेनॉल की भाप के सांस के जरिए अंदर जाने की वजह से यह समस्या आई.

सियॉन हॉस्पिटल में साइकियाट्री डिपार्टमेंट के हेड डॉक्टर नीलेश शाह ने बताया कि डाइसल्फीरम ट्रीटमेंट वाले मरीजों को एल्कोहॉल बेस्ड डियोड्रेंट्स, शेविंग लोशन, खाने की चीजों तक से दूर रहने को कहा जाता है. अब सैनिटाइजर को भी इस लिस्ट में शामिल करना पड़ेगा.

बता दें, हैंड सैनिटाइजर में 60-70 प्रतिशत एल्कोहॉल होता है.
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