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डायनोसॉर की नई प्रजाति के पुराने जीवाश्म ‎मिले

डायनोसॉर की नई प्रजाति के पुराने जीवाश्म ‎मिले

वैज्ञानिकों ने ब्राजील में डायनोसॉर से पैदा हुई एक नई प्रजाति के 11.5 करोड़ साल पुराने जीवाश्व मिले हैं।यह अरैटासॉरस मुसेना‎सीनाली नाम की प्रजाति बताई जा रही है। इस बारे में रिसर्चर्स का कहना है कि ये प्रजाति टी-रेक्स डायनोसॉर (टायरैनोसॉरस) से भी ज्यादा पुरानी रही होगी। इससे पहले इस क्षेत्र में कई जीवाश्म मिले हैं लेकिन डायनोसॉर के जीवाश्म पहली बार पाए गए हैं। अरैटासॉरस मध्यम आकार के थेरोपॉड (त्रिपदीय) थे जिनकी खोखली हड्डियां थीं और तीन डिजिट्स वाले हाथ-पैर थे।

पेलियनटॉलजिस्ट जूलियाना सयाओ ने बताया है कि इस जानवर के जीवाश्म का वजन 34.25 किलो और लंबाई 3.12 मीटर रही होगी। अनुमान है कि इसकी मौत कम उम्र में हो गई थी। सयाओ ने कहा है कि इस खोज से वैज्ञानिकों को मांसाहारी थेरोपॉड में विकास के इतिहास को समझा जा सकेगा।

इस खोज से यह भी पता चला है कि करोड़ों साल पहले इस क्षेत्र में मांसाहारी डायनोसॉर की दूसरी प्रजातियां भी रहती थीं। उन्होंने बताया है, ‘थेरोपॉड में भी अरैटासॉरस सेलुरोसौरिया नाम के बड़े समूह का हिस्सा हैं जिनमें ब्राजील के डायनोसॉर सान्तानाराप्टर और मशहूर टाइरानोसायरस, वेलोसीराप्टर और पक्षी भी शामिल हैं। अभी भी इस बारे में पूरी जानकारी जुटाने के लिए काफी स्टडी की जानी बाकी है लेकिन इस खोज से यकीनन कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

अरैस्टासॉरस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन जीवाश्म से पता लगता है कि इसके पूर्वज टायरैनोसॉरस के पूर्वजों से भी ज्यादा पुराने रहे होंगे। इनका इतिहास ब्राजील के उत्तरपूर्व और साउथ अमेरिका से जुड़ा हो सकता है।
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