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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसे लोगों के लिए अच्‍छा नहीं है रात में दूध पीना

ज्‍योतिष विज्ञान के अनुसार शनि के चौथे भाव का परिणाम बेहद व्‍यापक होता है। यह भाव चंद्रमा का घर माना गया है। इसलिए शनि इस भाव में मिलेजुले परिणाम ही देता है। इस योग वाला जातक अपने माता-पिता के प्रति समर्पित होगा और प्रेम-मोहब्‍बत से रहने वाला होगा। जब कभी जातक बीमार होगा तो चंद्रमा से संबंधित चीजें फायदेमंद होंगी। जातक के परिवार से कोई व्यक्ति चिकित्सा विभाग से संबंधित होगा। जब शनि इस भाव में नीच का होकर स्थित हो तो शराब पीना, सांप मारना और रात के समय घर की नींव रखना जैसे काम बहुत बुरे परिणाम देते हैं। रात में दूध पीना भी अहितकर है।



शनि का पांचवें भाव में फल-यह भाव सूर्य का घर होता है। जो शनि का शत्रु ग्रह है। इस स्‍थिति में जातक घमंडी होगा। जातक को 48 साल तक घर का निर्माण नहीं करना चाहिए, अन्यथा उसके बेटे को तकलीफ होगी। उसे अपने बेटे के बनवाए या खरीदे हुए घर में रहना चाहिए। जातक को अपने पैतृक घर में बृहस्पति और मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुएं रखनी चाहिए, इससे उसके बच्चों का भला होता है। यदि जातक के शरीर में बाल अधिक होंगे तो जातक बेईमान हो जाएगा।



शनि का छठें भाव में फल-यदि शनि ग्रह से संबंधित काम रात में किया जाय तो हमेशा लाभदायक परिणाम मिलेंगे। यदि शादी के 28 साल के बाद होगी तो अच्छे परिणाम मिलेंगे। यदि केतु अच्छी स्थित में हो जातक धन, लाभदायक यात्राओं और बच्चों के सुख का आनंद पाता है। यदि शनि नीच का हो तो शनि से सम्बंधित चीजें जैसे चमडा एवं लोहे को लाना हानिकारक होता है। खासकर तब, जब शनि वर्षफल में छठवें भाव में आएगा।
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