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सुशांत संग रिया के ज्वाइंट बैंक अकाउंट का पता चला- लॉकडाउन में खूब लेनदेन, DGP ने कमान थामी

सुशांत सिंह राजपूत केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लान्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है। सुशांत केस में बहुत व्यापक पैमाने पर फाइनान्सियल ट्रांजैक्शन में गड़बड़झाला का संदेह है। और आरोप सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर लग रहे हैं। जांच पड़ताल के क्रम में पटना पुलिस को सुशांत के एक ज्वाइंट अकाउंट का भी पता चला है। इस बैंक अकाउंट की ज्वाइंट होल्डर रिया चक्रवर्ती ही हैं और यह बैंक अकाउंट उन्हीं के पास है। पुलिस इस अकाउंट की पूरी डिटेल खंगाल रही है। यह भी पता चला है कि सुशांत के अकाउंट्स से ज्यादातर ट्रांजेक्शन लॉकडाउन के दौरान ही हुये हैं।


इधर सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अहम बैठक की। बैठक में आईजी पटना रेंज, एसएसपी मौजूद थे। बैठक में डीजीपी ने एसएसपी से फीडबैक लिया। पटना पुलिस के द्वारा अबतक की गई जाँच के बारे में पूरी जानकारी ली। आगे किस तरह काम करना है इसको लेकर डीजीपी ने एसएसपी को कई अहम निर्देश दिये हैं। कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये डीजीपी ने एसएसपी को कई अन्य बिंदुओं पर जांच करने को कहा है।

इधर इस मामले में पटना पुलिस जब मुम्बई में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शाविक की तलाश में पहुंची तो दोनों अपने ठिकाने पर नहीं थे। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी दोनों से मोबाइल फोन पर भी संपर्क नहीं हो रहा है। दोनों के फोन स्विच ऑफ बता रहे हैं। इधर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है – मुंबई पुलिस सुशांत के मामले में बिहार पुलिस की निष्पक्ष जांच के रास्ते में रुकावट डाल रही है। भाजपा के राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा – दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में मुंबई पुलिस साथ नहीं दे रही। बिहार पुलिस को 6-6 घण्टे इंतजार करना पड़ रहा है। आख़िर क्यों महाराष्ट्र सरकार मामले की CBI जाँच नहीं चाहती? दाल में कुछ जरूर बड़ा काला है। उचित यही होगा कि मामले को अविलंब CBI को सुपुर्द किया जाये।


भाजपा को लगता है कि सीबीआई को यह मामला संभाल लेना चाहिये। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा – सुशंत सिंह राजपूत मामले को लगातार सीबीआई को देने की मांग हो रही है, इसलिए मेरी मांग है कि अगर राज्य सरकार केस सीबीआई को नहीं देना चाहती तो कम से कम इसमें ईडी को ईसीआईआर पंजीकृत करने से तो नहीं रोक सकते क्योंकि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा – यह दो राज्यों के बीच टकराव है। महाराष्ट्र में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। चिराग ने सीएम ठाकरे से बात की थी कि सीबीआई जांच होनी चाहिये। सभी राजनीतिक नेता इसके लिए मांग कर रहे हैं। इस केस को सीबीआई को सौंपा जाना चाहिये। भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने कहा – महाराष्ट्र पुलिस द्वारा अब तक कोई जांच नहीं की गई। अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है या किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया गया है। उन्होंने सिर्फ पूछताछ की है। यह सिर्फ औपचारिकता है।


मुंबई पुलिस भी पटना पुलिस टीम को सहयोग नहीं दे रही है। मुंबई पुलिस के इस असहयोग पर बिहार के महाधिवक्‍ता ललित किशोर ने नाराजगी जाहिर करते हुये इस दुर्भाग्‍यपूर्ण करार दिया है। पटना पुलिस की टीम की मांग के बाद भी मुंबई पुलिस ने अभी तक सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, केस डायरी की कॉपी, फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज की कॉपी नहीं दी है। पटना पुलिस के साथ मुंबई पुलिस के असहयोग का आलम यह है कि पटना पुलिस को जांच के लिये ऑटो से घूमना पड़ रहा है।
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