Space for advertisement

इस बेहतरीन स्कीम से किसान लाखों में करें कमाई! 80 फीसदी पैसा देगी सरकार



नई दिल्ली. मोदी सरकार ने किसानों के लिए एक और नई स्कीम शुरू की है. जिसके तहत 'फार्म मशीनरी बैंक' (Farm Machinery Bank) खोलकर अच्छी इनकम की जा सकती है. इस स्कीम का नाम 'CHC Farm Machinery' है. यह एक ऐप है, जिस पर ऑर्डर देकर अपनी खेती के लिए जरूरी मशीनरी (औजार) बहुत सस्ते रेट पर घर मंगवा सकते हैं. आप अगर एग्रीकल्चर मशीनरी से जुड़ा बिजनेस करना चाहते हैं, तो इससे हर साल लाखों की कमाई कर सकते हैं. खास बात ये है कि फार्म मशीनरी बैंक के लिए सरकार सब्सिडी के साथ कई और तरह की मदद भी कर रही है.

80 फीसदी तक की सरकारी सहायता- इसके लिए 80 फीसदी तक की सरकारी आर्थिक सहायता मिलेगी. मोदी सरकार की इस स्कीम का नाम है कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center). देश के छोटे किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर मुहैया कराने के मकसद से केंद्र सरकार देशभर में 'कस्टम हायरिंग सेंटर' (Custom Hiring Centre) बनाये जाने को प्रोत्साहन दे रही है. और 50 हजार से ज्यादा 'कस्टम हायरिंग सेंटर' बनाए भी जा चुके हैं. इसे हम कृषि यंत्र बैंक कह सकते हैं. किसान को कई ऑप्शन मिलेंगे जिसमें वो चाहे जिस सेंटर से सस्ता-महंगा के हिसाब से किराए पर मशीन खरीद सकता है.




आइए जानें इस स्कीम के बारे में...
यह ऐप बिल्कुल ओला (Ola), उबर (Uber) की तरह है. मशीनरी का रेट सरकार तय नहीं करेगी. यह सुविधा पांच से 50 किलोमीटर के बीच मिलेगी. मंत्रालय में मैकनाइजेशन एंड टेक्नॉलोजी डिवीजन के एडिशनल कमिश्नर वीएन काले ने बताया कि मशीनरी का किराया सरकार नहीं तय कर रही है. इसे हमने कंपटीशन के लिए छोड़ दिया है. मार्केट में कंपटीशन रहेगा तो किसान को सस्ती और अच्छी सेवा मिलेगी. यदि आपके पास एक भी कृषि यंत्र है तो भी आप उसे किराये पर देने के लिए एप में रजिस्टर्ड करवा सकते हैं.



कितनी और कैसे मिलेगी सरकारी सहायता?- अगर आप निजी कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) बनाएंगे तो सरकार 40 फीसदी पैसे की सहायता देगी. इसमें 60 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट पास करवा सकते हैं. यानी अपने क्षेत्र के किसानों की जरूरत के हिसाब से इतनी रकम की मशीनें खरीद सकते हैं. इस प्रोजेक्ट में 24 लाख रुपये की सरकारी सहायता मिल पाएगी. जबकि यदि आप कॉपरेटिव ग्रुप बनाकर भी मशीन बैंक तैयार करते हैं तो ग्रुप में 6 से 8 किसान होने चाहिए. इसमें 10 लाख रुपये तक का प्रोजेक्ट पास होगा. यानी आपको 8 लाख रुपये तक की सरकारी सहायता मिलेगी. सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसान भाई अपने-अपने राज्य के कृषि विभाग के इंजीनियरिंग डिवीजन में संपर्क कर सकते हैं.


लागत और रिस्क कम करने की कोशिश- समय के साथ खेती में आधुनिकीकरण बढ़ रहा है, नई-नई मशीनों की जरूरत महसूस होने लगी है. चाहे वो खरपतवार निकाले की हो या छिड़काव करने और रोपाई-कटाई करने की. लेकिन हर किसी के लिए महंगे उपकरण खरीदना आसान नहीं है. ऐसे में मोदी सरकार खुद एग्रीगेटर बन गई है.



कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) ने कस्टम हायरिंग सेंटर बनाने और उसका लाभ लेने के लिए ऐप लॉन्च किया है. ये ऐप 12 भाषाओं में उपलब्ध है. अब तक इसके 50 हजार डाउनलोड हो चुके हैं. इस योजना से जुड़े अधिकारियों को उम्मीद है कि जब किसी मशीन को खरीदने की बजाय वह किराए पर मिलेगी तो लागत कम होगी, उनकी आय बढ़ेगी और कर्ज का चक्कर नहीं होगा. दूसरी ओर जो किसान इसका बिजनेस कर रहा है उसे सरकार आर्थिक सहयोग कर ही रही है.

कैसे करें अप्लाई- फार्म मशीनरी बैंक के लिए किसानों को अनुदान के लिए अपने इलाके के ई मित्र कियोस्क पर एक तय फीस देकर आवेदन करना होगा. अनुदान के लिए एप्लीकेशन के साथ फोटो, मशीनरी के बिल की कॉपी, भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते की पास बुक की फोटो कॉपी समेत कुछ और दस्तावेज जमा करने होते हैं.
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!