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मौसम बदलने पर होने वाली सर्दी-जुकाम से हैं परेशान, जाने वैज्ञानिकों की बात





मौसम बदलने पर होने वाली सर्दी-जुकाम से हम परेशान हो जाते हैं पर वैज्ञानिकों का बोलना है कि यह खतरनाक फ्लू से हमारी सुरक्षा करता है. येल विश्वविद्यालय ने अपने शोध में यह जरूरी जानकारी पायी, जिसका विवरण लैंसेट माइक्रोब पत्रिका में छपा है.

शोधकर्ताओं का बोलना है कि साधारण सर्दी-जुकाम हो जाने पर हमारे शरीर का रिएक्शन तंत्र अधिक सक्रिय हो जाता है. ऐसे में जब शरीर पर इंफ्लूएंजा जैसे गंभीर फ्लू के संक्रमण का हमला होता है तो पहले से सक्रिय प्रतिरक्षा तंत्र उसे शरीर में प्रवेश नहीं करने देता. येल विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डाक्टर ऐलन फॉक्समैन ने तीन वर्ष में 13 हजार मरीजों के क्लीनिकल डाटा का अध्ययन करके यह निष्कर्ष दिए हैं.

इंफ्लूएंजा से सुरक्षा-
शोधकर्ता ने पाया कि जब साधारण सर्दी-जुकाम का वायरस व गंभीर फ्लू जैसे इंफ्लूएंजा का वायरस एक ही समय में सक्रिय होता है, उस मौसम में भी सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोग इंफ्लूएंजा से बचे रहते हैं. यानी सर्दी-जुकाम के कारण उनके शरीर में इंफ्लूएंजा से लड़ने की शक्ति पनप जाती है. इसका कारण है कि साधारण सर्दी का वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं को ज्यादा ताकतवर इंफ्लूएंजा जैसे वायरस से सुरक्षा देता है, यह सुरक्षा कवच छह दिन तक बना रहता है.

फ्लू से बचाती हाथ की स्वच्छता-
शोधकर्ता ने पाया कि न सिर्फ कोरोनावायरस बल्कि हर कम या अधिक ताकतवर वायरस से बचने का सबसे सरल व प्रभावी रास्ता स्वच्छता का पालन है. श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाले इन वायरसों से बचने के लिए हाथ खोना, खतरनाक कीटाणु वाली जगहों से दूर रहना महत्वपूर्ण है.

कोल्ड वायरस व फ्लू में अंतर-
साधारण सर्दी-इसका मुख्य लक्षण नाक बहना व गला बेकार होना है, जिसके बाद छींकें व खांसी प्रारम्भ हो जाती है. यह अधिकतम 7 से 10 दिन में अच्छा हो जाता है.
फ्लू-इसमें बुखार, खांसी, जुकाम, छींके आना जैसे लक्षणों के अतिरिक्त सिर और मांसपेशियों में दर्द और थकान जैसे लक्षण भी शामिल होते हैं.
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