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अगर आपका बिजली का बिल आता है ज्यादा, तो ये हो सकती हैं वजहें

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गर्मियां आते ही बिजली का बिल बढ़ जाता है, लेकिन कई बार लगता है कि यह जरूरत से भी ज्यादा आ रहा है। आम तौर पर इसकी वजह खपत बढ़ना होती है, हालांकि इसकी कई अन्य वजह भी हो सकती हैं। ऐसे में बिजली की मीटर सही रीडिंग दिखा रहा है या नहीं, इसकी जांच करना जरूरी हो जाता है। हम यहां ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं…

बिल बढ़ने की हो सकती हैं ये दो वजह

ऐसा होने के दो ही कारण हो सकते हैं। पहला यह कि घर का बिजली का मीटर खराब हो या दूसरा कारण यह हो सकता है कि घर में इस्तेमाल हो रहे बिजली के उपकरण ज्यादा बिजली की खपत कर रहे हों। इसलिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि बिजली का मीटर सही है नहीं। इसके लिए लोगों को बिजली विभाग के पास जाने की जरूरत नहीं है। लोग चाहें तो इसे खुद ही चेक सकते हैं। अगर बिजली का मीटर सही हो तो बाद में घर के उन उपकरणों को चेक करें, जो चलाने पर ज्यादा पावर लेते हैं।

आसान है तरीका

अगर 1000 वॉट का कोई उपकरण एक घंटे तक चलाया जाए तो वह 1 यूनिट बिजली खर्च करता है। आम तौर घरों में एक से लेकर डेढ़ टन तक का एसी होता है। सबसे पहले इस एसी के साथ मिली बुकलेट में देखें कि यह कितने वॉट पर चलता है। आम तौर यह 1000 वॉट से लेकर 2250 वॉट तक का हो सकता है। बिजली का मीटर सही है या नहीं यह जानने के लिए पूरे घर के सारे उपकरण बंद कर दें। फिर एसी चला दें। अगर एसी 1000 वॉट का है, तो एक घंटे में मीटर पर एक यूनिट बिजली खर्च होनी चाहिए। वहीं अगर एसी 2000 वॉट का है तो बिजली के मीटर पर एक घंटे में 2 यूनिट बिजली खर्च होनी चाहिए। अगर ऐसा है तो बिजली का मीटर और एसी दोनों सही हैं। लेकिन अगर मीटर में बिजली ज्यादा खर्च दिख रही है, तो इसका मतलब या तो बिजली का मीटर तेज चल रहा है, यह एसी तय सीमा से ज्यादा बिजली की खपत कर रहा है। इस बात का पता घरेलू तरीके से इस प्रकार चेक किया जा सकता है।

अन्य उपकरणों के सहारे करें चेक

घर में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण एसी जितना बिजली नहीं खर्च करते हैं, लेकिन अगर कुछ उपकरणों को एक साथ चलाया जाए तो ये एक घंटे में 1000 वॉट तक बिजली खर्च कर सकते हैं। इनमें पंखा, कूलर, ट्यूब लाइट, माइक्रोवेव से लेकर अन्य उपकरण हो सकते हैं।

हर उपकरण की बुकलेट पर यह कितने वॉट पर चलते हैं, लिखा रहता है। ऐसे में उतने उपकरणों को चुनें जो एक साथ चलने पर 1000 वॉट बिजली खर्च करें। अगर इनके एक साथ चलने पर एक घंटे में मीटर पर एक यूनिट बिजली खर्च हो तो फिर मीटर को सही मान लें। लेकिन अगर मीटर पर रीडिंग ज्यादा आए तो यह तो फिर बिजली के उपकरण में कमी हो सकती है। हो सकता है कि पुराने होने के कारण घर के बिजली के उपकरण ज्यादा बिजली की खपत कर रहे हों।

गर्मियों में पुराने पंखे भी बढ़ा देते हैं बिजली की खपत

उत्तर प्रदेश बिजली विभाग से रिटायर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर देवकी नदंन शांत का कहना है कि पंखा एक बार लगा लेने के बाद तभी उस पर ध्यान जाता है जब उसमें कोई खराबी आ जाए। लेकिन अगर हर साल इसकी ऑयलिंग करा ली जाए तो यह जहां बेहतर तरीके से चलेगा, वहीं बिजली भी कम खाएगा। इसका सबसे बड़ा कारण है कि ऑयलिंग से इसके बियरिंग आसानी से चलने लगते हैं और बिजली की खपत कम हो जाती है।

अगर घर में 5 पंखे लगे हैं और यह करीब 5 या 7 साल पुराने हैं, तो हर पंखा करीब 75 वॉट खर्च करने वाला रहा होगा। लेकिन यह पुराना होने के चलते अब 10 से 20 फीसदी तक बिजली ज्यादा खर्च कर रहा होगा। लेकिन अगर हर साल इनकी ऑयलिंग करा ली जाए तो इस ज्यादा बिजली की खपत घटाई जा सकती है। 75 वॉट के 5 पंखे अगर घर में औसतन 10 घंटे चलें तो यह 112.5 यूनिट खर्च करेंगे, लेकिन पुराने होने पर इनकी बिजली की खपत बढ़कर करीब 125 यूनिट तक हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इनकी मेंटीनेंस पर पूरा ध्यान दिया जाए।
एसी के मेंटेनेंस घटेगी बिजली की खपत

घरों में गर्मियों में सबसे ज्यादा बिजली एसी ही खर्च करता है। स्टार रेटिंग वाले एसी कुछ समय पहले ही आने से शुरू हुए हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि पुराने एसी कितनी ज्यादा बिजली खर्च करते हैं। अगर आपने घर में 1.5 टन का एसी लगा रखा है और रोज औसतन 8 घंटे इसे चलाते हैं तो 1 स्टार रेटिंग का एसी करीब 9 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत करता है। वहीं अगर 5 स्टार रेटिंग का एसी हो तो यह लगभग 7 यूनिट की खपत करेगा। यानी रोज करीब 2 यूनिट बिजली का खर्च कम।

शांत के अनुसार यह दावा एसी खरीदते समय बिजली की खपता का दावा कंपनियों का होता है,जो लगभग कमरे की कंडीशन के हिसाब से 90 से 95 फीसदी तक सही होता है। लेकिन अगर एसी की हर साल मेंटेनेंस न कराई जाए पुराना एसी 9 की जगह 10 से 11 यूनिट तक बिजली खर्च करने लगता है और कूलिंग भी उतनी प्रभावी नहीं रहती है। वहीं 5 स्टार रेटिंग वाला एसी भी तय खपत से ज्यादा बिजली खर्च करता है। इसलिए इनकी हर साल मेंटीनेंस जरूर करानी चाहिए।
पुरानी होने पर ट्यूब लाइट भी खाती है ज्यादा बिजली

ट्यूब लाइट पुरानी होने पर तय सीमा से ज्यादा बिजली खर्च लगने लगती है। आमतौर पर एक ट्यूब लाइट 40 वॉट की होती है। लेकिन पुरानी होने पर इसकी चोक जरूरत से ज्यादा बिजली खर्च करती है। यह बढ़ी बिजली की खपत 15 फीसदी तक हो सकती है। इसलिए अगर घरों में हो सके सीएफएल का इस्तेमाल किया जाए या सबसे अच्छा विकल्प है। वैसे एलईडी का इस्तेमाल सबसे अच्छा रहता है। एलईडी 7 से 10 वॉट तक की रोशनी 40 वॉट की ट्यूब लाइट के बराबर होती है। इस प्रकार एक ट्यूब लाइट पर जितनी बिजली एक दिन में खर्च हो रही है, उतनी बिजली में करीब-करीब पूरे घर को रोशन किया जा सकता है।

जानें घर में कौन सा उपकरण कितनी खर्च करता है बिजली
सीएफएल 15
ट्यूब लाइट 40
प्रेस 750
फ्रिज (165 liters) 150
एयर कंडीशनर ( 1.5 ton) 2650
कूलर 200
पंखा 75
वॉशिंग मशीन 400
टीवी 100
मिक्सर 500
माइक्रोवेव ओवन 1200
कम्प्यूटर 200
मच्छर भगाने की मशीन 9
पानी की मोटर (1HP) 740
मोबाइल चार्जर 7
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