Space for advertisement

लक्ष्मण रेखा लांघने की कोशिश ना करे चीन, भारत से मिलेगा करारा जवाब: भारत सरकार के शीर्ष अधिकारी



एलएसी पर चीन से तनाव जारी ह। चीन की हरकतों पर अब भारत का रुख बेहद ही सख्त हो गया है। भारतीय सेना ने अपने फील्ड कमांडर्स को सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी हालत में चीनी सैनिकों को एलएसी का उल्लंघन नहीं करने दें। उधर केंद्र सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को चीन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईस्टर्न लद्दाख में अब चीन ने 'लक्ष्मण रेखा' पार की तो उसे माकूल जवाब दिया जाएगा।

भारत ने तनाव वाले क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ाई
अधिकारी ने जानकारी दी है कि भारत ने इस क्षेत्र में चीन की तैनाती और उसके खतरे का जवाब देने के लिए फॉरवर्ड पोजिशन पर जवानों की संख्या में पर्याप्त इजाफा किया है। 45 साल बाद एलएसी पर गोली चलने और चीन की उकसावे लगातार भरी कार्रवाई के बाद बाद भारत की ओर से ऐसी चेतावनी दी गई है। सोमवार को चुशुल के मुखपरी टॉप के पास चीनी जवानों ने एलएसी की उल्लंघन करते हुए हवाई फायरिंग की थी। घटना के अगले दिन यानी मंगलवार को पीएलए के सैनिकों की खतरनाक हथियारों के साथ तस्वीरें भी सामने आई थीं।


विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले दिया सख्त संदेश
मॉस्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात से पहले भारत की ओर से इस तरह की कड़ी चेतावनी महत्वपूर्ण है। आपको बता दे कि ईस्टर्न लद्दाख के पैंगोंग सो झील के दक्षिणी छोर पर चीन भारतीय सैनिकों को लगातार उकसाने की कोशिश कर रहा है। पीएलए के सैनिक और टैंक लगातार इस इलाकों में देखे जा रहे हैं। भारतीय सेना के पैंगोंग सो झील के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कई चोटियों पर कब्जा करने के बाद से ही चीन बौखलाया हुआ है और हताशा में लगातार उकसावे भरी कार्रवाई कर रहा है।




'युद्ध की स्थिति में चीन को चुकानी होगी बड़ी कीमत'
भारत सरकार के इस शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पूरा विवाद केवल क्रिया-प्रतिक्रिया का मामला नहीं है। उन्होंने आगे कहा, 'चीन की राजनीतिक-सैन्य बिरादरी के शीर्ष स्तर से इस विवाद को खड़ा किया जा रहा। इसमें केवल स्थानीय सैन्य कमांडरों की भूमिका नहीं है। पूरा मामला किसी भी ओर मुड़ सकता है, लेकिन अगर चीन युद्ध चाहता है तो उसे इसकी कड़ी कीमत चुकानी होगी।'



भारत ने सैन्य कमांडरों को दी कार्रवाई की खुली छूट
इस अधिकारी ने आशंका जताई की पैंगोंग सो के दक्षिणी छोर पर भारत की रणनीतिक बढ़त को देखते हुए पीएलए के सैनिक किसी दूसरी जगह महत्वपूर्ण चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश कर सकते हैं। भारत ने ऐसी स्थिति आने पर सैन्य कमांडरों को कार्रवाई की खुली छूट दी है। इस अधिकारी ने इलाके में सेना की तैयारियों को बारे में कहा, 'चोटियों पर तैनात हमारे जवान हथियारों से लैस हैं और पूरी तैयारी के साथ हैं। हम रेचिन ला दर्रे के पास तक टैंक लेकर आए हैं।'


India-China Standoff: चीन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, देश की सेना हर जवाब देने को तैयार- पूर्व आर्मी चीफ वीपी मलिक



'पीएलए ना लांघे लक्ष्मण रेखा'
पीएलए को सख्त संदेश भेजा गया है कि भारतीय रक्षात्मक घेरे में घुसने की कोशिश नहीं करें। अधिकारी ने भारतीय राक्षात्मक घेरे के बारे में कहा, 'ये एक लक्ष्मण रेखा है, हमारी तैयारी कहीं भी कम नहीं है। भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों का अनुमान है कि ईस्टर्न लद्दाख के क्षेत्र में चीन ने 50,000 सैनिकों को तैनात किया है। वहीं जिनजियांग और तिब्बत के अपने एयरबेसों पर ड्रैगन ने 150 फाइटर जेट्स, बॉम्बर एयरक्राफ्ट आदि की तैनाती की है।
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!