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इन्सान की एक गलती बेचारे कछुए पर भारी पड़ गयी, इस कछुए ने 19 साल सहा जो दर्द, वो जानकर आंखें हो जाएंगी नम



आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसमे इंसानों की गलती की वजह से एक कछुआ 19 सालो तक बेहिसाब दर्द सहता रहा.

जैसा कि आप तस्वीर में देख सकते हैं इस कछुए का आकार बाकी सभी कछुओं से थोड़ा अलग हैं. इस कछुए का बीच का हिस्सा दो भागो में बता हुआ हैं. इसकी वजह ये हैं कि इस कछुए की बॉडी में प्लास्टिक के बोतल की रबड़ रिंग करीब 19 सालो तक फसी रही थी. इस कारण कछुए के अंदरूनी हिस्से दो भागो में बंट गए. अब आप में से कई लोग सोच रहे होंगे कि आखिर कछुए की बॉडी में ये छोटी सी रिंग फसी कैसी होगी. दरअसल ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा हैं कि जब ये कछुआ छोटा था तो इंसानों के फेके कचरे की वजह से ये प्लास्टिक रोंग उसकी बॉडी में अटक गई होगी.

उस दौरान बेशक इस कछुए ने इसे बॉडी से निकालने की कोशिश करी होगी लेकिन वो असफल रहा. फिर वक़्त बीतता गया और कछुआ बॉडी में फासी इस प्लास्टिक रिंग के साथ ही बड़ा होता चला गया. इस तरह जब कछुआ 19 साल का हुआ तब कुछ समुद्री वैज्ञानिको को ये दिखाई दिया.

समुद्री वैज्ञानिक इस कछुए को अपने साथ ले आए और उन्होंने इसकी बॉडी में फासी रिंग काट के अलग कर दी. लेकिन रिंग निकल जाने के बाद भी उसकी बॉडी वैसे ही बनी रही क्योंकि उसका विकास ही प्लास्टिक रिंग की वजह से ऐसा हुआ था. अब जरा सोचिए यदि हमारी ऊँगली में कोई अंगूठी भी फंस जाती हैं तो हमारी जान निकल जाती हैं और इस कछुए की पूरी बॉडी में ये रिंग 19 सालो तक यूं ही फंसी रही. इस बेचारे ने इसकी वजह से कितनी दर्द और तकलीफ सही होगी. फिलहाल ये कछुआ वैज्ञानिको की देख रेख में हैं और स्वस्थ हैं.

अब वक़्त आ गया हैं कि हम सभी अपनी जिम्मेदारियों को समझे और अपने आसपास कचरे को यूं ही ना फेंके. क्योंकि पूरी दुनियां में इस तरह के और भी कई उदहारण देखने को मिलते हैं फिर वो समुद्र हो या जमीन. हमार एफेके कचरे की वजह से कई जानवर अपनी जान गवा बैठते हैं. इसलिए कचरे को प्रॉपर तरीके से कूड़ेदान में ही डाले.
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