Space for advertisement

साउथ की वो 5 फ़िल्में, जो स्क्रिप्ट और एक्टिंग के मामले में बॉलीवुड फ़िल्मों से कहीं बेहतर हैं

जब सिनेमा घर बंद हों तो इंसान के पास नई फिल्में देखने का एक ही साधन बचा है और वो हैं ओटीटी प्लेटफॉर्म. नेटफ्लिक्स से लेकर अमेज़न प्राईम तक पर नई फिल्मों और सीरिज़ की बाढ़ सी आई पड़ी है. पहले तो ये पुरानी फिल्में स्टोर करते थे. मगर कोरोना काल में यही लोगों का सिनेमा हॉल बन गया है.

बस समस्या ये है कि रोज़ नई फिल्में तो रिलीज़ नहीं होतीं. ऐसे में सिनेमा के दीवानों को साउथ इंडियन फिल्में देखनी चाहिए. एक समय था जब साउथ फिल्मों के एक्शन सीन देख कर सिनेमा प्रेमी इससे किनारा कर लेते थे मगर अब ये नए जमाने की साउथ फिल्म इंडस्ट्री है.

अब यहां आपको ऐसी फिल्में देखने को मिलेंगी जो बॉलीवुड को आईना दिखते हुई ये कहती हैं कि दम है तो हमारे लेवल तक पहुंच के बताओ. तो चलिए आज आपको बताते हैं साउथ की ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में जिन्हें देख कर आप कहेंगे 'ये होता है असली सिनेमा' :
1. सुपर डीलक्स

Image Credit: imdb

विजय सेथुपति तमिल फिल्म इन्डस्ट्री के जाने माने स्टार हैं. इनका अपना अलग ही फैनबेस है और इनकी दमदार एक्टिंग की वजह से इनके फैंस को इनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतज़ार रहता है. फिल्म सुपर डीलक्स में भी विजय सेथुपति के किरदार को खूब पसंद किया गया. सुपर डीलक्स तमिल भाषा की एक क्राईम ड्रामा कॉमेडी फिल्म है.

इस एक ही फिल्म में चार कहानियां बराबर रूप से चलती रहती हैं. विजय सेथुपति ने फिल्म में एक ट्रांसजेंडर महिला का किरदार निभाया है. विजय सेथुपति, फहाद फासिल और समन्था के साथ साथ अन्य सभी किरदारों के शानदार अभिनय से सजी ये फिल्म आपको लगभग 3 घंटे तक बांधे रखेगी. 


2. ध्रुवंगल पथिनारू



अगर आप मिस्ट्री मूविज़ के जबर वाले फैन हैं तो आपको ध्रुवंगल पथिनारू नामक ये फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए. फिल्म शुरू होती है एक रिटायर पुलिस ऑफिसर के घर से. जहां उससे मिलने आता है उसके दोस्त का बेटा. दोनों की बातचीत शुरू होती है और आ कर एक पुराने केस पर टिक जाती है.

लड़के के बार बार कहने के बाद रिटायर पुलिस ऑफिसर सालों पहले पुलिस की फाइलों में सॉल्व हो चुके उस केस के बारे में हर बात बताने लगता है और यहीं से होती है कहानी की असली शुरूआत. कार्थिक का निर्देशन और फिल्म के कलाकारों का अभिनय आपको फिल्म के अंत तक ऐसे बांध के रखेंगे कि आप अपनी जगह से हिल भी नहीं पाएंगे.


3. परियेरम पेरूमल

Image Credit: Youtube

यह फिल्म जातिवाद पर बनी सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जाती है. 2018 में रिलीज़ हुई ये फिल्म एक लॉ स्टूडेंट और उसके प्यार की कहानी है. लोअर कास्ट से संबंध रखने वाले इस लड़के की अपनी ही क्लास की एक लड़की से दोस्ती हो जाती है. लड़की ऊंची जाति की है और यही बात उस लड़के के लिए समस्या बन जाती है.

लड़की के घर वाले लड़के के लिए तरह तरह की मुश्किलें खड़ी करते हैं. फिल्म केवल जातिवाद से ही जुड़ी नहीं है बल्कि इसमें ज़िंदगी के वे तमाम पहलू दिखाए गये हैं जिनका सामना तो हम रोज़ करते हैं मगर उस दर्द को समझ नहीं पाते.


4. वायरस

Image Credit: imdb

वैसे तो खतरनाक वायरस को विषय मान कर हॉलीवुड में काफ़ी फिल्में बन चुकी हैं और शायद कोराना काल खत्म होने के बाद बॉलीवुड भी इस पर हाथ आज़माए. लेकिन मलयालम सिनेमा में 2019 में ही एक खतरनाक वायरस से संबंधित फिल्म बनी थी. फिल्म की कहानी कुछ इस तरह है कि निपाह वायरस पूरे केरल में फैल जाता है

फिर कुछ जांबाज लोग केरल के लोगों को इस खतरनाक वायरस से बचाने के लिए अपना पूरा ज़ोर लगा देते हैं. हिंदी सिनेमा में अभी तक ऐसा कोई सफल प्रयोग नहीं हुआ है. अब जब हम ऐसे ही एक खतरनाक वायरस का प्रकोप झेल रहे हैं ऐसे में ये फिल्म आपको खुद से जुड़ी हुई लगेगी.

कहां देखें: 8 रेटिंग के साथ यह फिल्म आप अमेज़न प्राइम पर देख सकते हैं.
5. महंती

Image Credit: imdb

50 और 60 के दशक में साउथ फिल्म इंडस्ट्री पर अभिनेत्री सावित्री का दबदबा था. उन्होंने 207 फिल्मों में अभिनय किया और एक से बढ़ कर एक फिल्में सिनेमा जगत को दीं. महंती इसी महान अभिनेत्री की बायोग्राफी है. नाग अश्विन द्वारा निर्देशित इस फिल्म को 10 पुरस्कार मिल चुके हैं तथा लोगों ने भी इसे खूब प्यार दिया.
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!