Space for advertisement

वृद्ध चलने से कर रहा था मना, लड़की ने कहा मैं आपकी बेटी हूं फिर भर आई वृद्ध की आंखें …

loading...



वृद्ध चलने से कर रहा था मना, लड़की ने कहा मैं आपकी बेटी हूं फिर भर आई वृद्ध की आंखें … - उक्त वृद्ध मरे हुए जानवरों का मांस और रेत खा रहा था। पैरा लीगल वॉलिंटियर ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए उक्त चीजों को उससे अलग किया और स्वयं के व्यय पर उसको नास्ता, चाय तथा भोजन कराया। जब उनके द्वारा उस व्यक्ति से बात करने का प्रयास किया गया तो सही तरीके से वह अपनी पहचान नहीं बता पा रहा था।

उक्त वृद्ध शरीरिक रूप से अत्याधिक कमजोर तथा दयनीय अवस्था में था। उसे चिकित्सालय ले जाने की बात कही गई तो उसने वहां जाने से इंकार किया और कहने लगा कि खुला आसमान मेरा घर है और ये रास्ते पर जाने वाले लोग मेरे कोई नही है। उसने कहा कि वह अकेला है और कहीं नहीं जाएगा। तब मौसम ने उनसे कहा कि वह उसकी बेटी जैसी हूं और उनको इलाज के बाद घर ले जाने आई हूं। इतना सब कहे जाने के बाद वह अस्पताल जाने को तैयार हुआ।

तत्काल 112 को कॉल किया और त्वरित उपस्थित होकर मौसम के साथ वृद्ध को शासकीय चिकित्सालय ले जाया गया जहां पर उस वृद्ध का उपचार चल रहा है और उनकी संम्पूर्ण जानकारी एकत्र की जा रही है। मौसम मैश्राम से उनके इस सराहनीय कार्य के विषय पर चर्चा किये जाने पर उनके द्वारा बताया गया कि संविधान के तहत भारत के प्रत्येक नागरिक के भारतीय होने के नाते अधिकार और कत्र्तव्य हैं। जिसका पालन मात्र मैने किया है। और भविष्य में भी करती रहंूगी। क्योंकि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य ही यह है कि बिना भेद करे मानव सेवा करना।
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!