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विराट कोहली की नाइंसाफी की चलते जल्द संन्यास ले लेंगे ये टॉप-5 खिलाड़ी

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अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट तीन अलग-अलग फॉर्मेट में खेला जाता हैं. कुछ ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो सभी तीनो फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन करते हैं जबकि कुछ ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ एक ही फॉर्मेट में अच्छा करते हैं. जैसे कुछ टी20 स्पेशलिस्ट होते हैं जबकि कुछ टेस्ट में माहिर होते हैं.

आज इस लेख में हम भारत के 5 ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जानेगे, जिन्हें अब सिमित ओवर क्रिकेट को अलविदा कह देना चाहिए.

1) रिद्धिमान साहा (36 वर्ष)

बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज ने रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के लिए डेब्यू किया. ये खिलाड़ी अकसर स्टंप्स के पीछे अपने अनुकरणीय ग्लव्स के लिए सुपरमैन के रूप में जाना जाता है. 2014 में एमएस धोनी के के संन्यास के बाद से साहा टेस्ट में भारत के नियमित विकेटकीपर है लेकिन सिमित ओवर क्रिकेट में उनका कोई भविष्य नहीं दिखाई देता हैं.

साहा साल 2014 में श्रीलंका के विरुद्ध आखिरी वनडे खेला था. जबकि उन्होंने कभी भी अन्तराष्ट्रीय टी20 नहीं खेला हैं. साहा ने 9 वनडे मैचों में सिर्फ 41 रन बनाए हैं.

2) पार्थिव पटेल (35 वर्ष)

गुजरात में जन्मे सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने 2002 में अंडर-19 विश्व कप में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनायीं थी. हालाँकि, विकेटकीपर-बल्लेबाज का रोलर-कोस्टर करियर रहा है क्योंकि उन्होंने भारतीय टीम से अपनी जगह खो दी थी. टॉप भारतीय क्रिकेटरों के खिलाफ 2018 में देश के लिए होनहार भारतीय सलामी बल्लेबाज ने वापसी की.

पार्थिव को भारत के लिए 2012 में आखिरी वनडे खेलने का मौका मिला था, जिसके बाद से वह टीम से बाहर हो गयी और फिलहाल उनकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं हैं, ऐसे में उन्हें संन्यास ले लेना चाहिए.

3) इशांत शर्मा (32 वर्ष)

तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा वर्तमान में भारत की टेस्ट टीम से सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं. लम्बे कद के इस गेंदबाज ने अब तक 97 टेस्ट मैचों में 297 खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा हैं हालाँकि सिमित ओवर क्रिकेट में उनका प्रदर्शन हमेशा से फीका रहा हैं. ईशांत शर्मा ने साल 2016 के बाद से कोई भी वनडे नहीं खेला हैं जबकि टी20 में उन्हें 7 साल से कोई मौका नहीं मिला हैं, ऐसे में उन्हें जल्द सिमित ओवर क्रिकेट को छोड़ देना चाहिए.

4) अजिंक्य रहाणे (32 वर्ष)

भारत की टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे का रिकॉर्ड सिमित ओवर क्रिकेट में भी शानदार रहा हैं लेकिन टीम मैनेजमेंट और चयन समिति ने उन्हें हमेशा एक टेस्ट स्पेशलिस्ट बल्लेबाज ही माना हैं.

रहाणे ने 90 वनडे मैचों में 35.26 की औसत और 3 शतकों की मदद से 2962 रन बनाए हैं हालाँकि पिछले दो साल से वह टीम इंडिया के लिए कोई वनडे नहीं खेले हैं. दूसरी तरफ टी20 में भी उन्हें 2016 के बाद से एक भी मैच खेलने को नहीं मिल पाया हैं. जिसके बाद उन्हें सिमित ओवर क्रिकेट से संन्यास के बारे में सोचना चाहिए.

5) चेतेश्वर पुजारा- (32 वर्ष)

घरेलू सर्किट में सौराष्ट्र के लिए खेलते हुए, पुजारा को एक विशिष्ट टेस्ट क्रिकेटर का टैग मिला है, जो सरासर क्लास और जुनून के साथ पूरे दिन बल्लेबाजी कर सकता है. 32-वर्षीय को 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय कॉल बैक मिला. धैर्य और शांति के पक्ष में एक दृष्टिकोण लाते हुए, बैटिंग डायनेमो ने अपने पदार्पण मैच की दूसरी पारी में शानदार 72 रन बनाए, जिससे भारत को यादगार ​​जीत दर्ज करने में मदद मिली. वर्तमान में भारत की टेस्ट टीम में पुजारा सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज माने जाते हैं लेकिन सिमित ओवर क्रिकेट में उन पर कभी भी भरोसा नहीं किया गया हैं. पुजारा ने कभी अन्तराष्ट्रीय टी20 नहीं खेला हैं जबकि 2014 के बाद से उन्होंने की भी वनडे नहीं खेला हैं.
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