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प्लास्टिक की बोतल में पानी नहीं बल्कि जहर पी रहे हैं

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अगर आप प्लास्टिक और सॉफ्ट ड्रिंक्स की बोतलों में पानी भरकर पीते हैं तो सावधान बो जाइए. आप प्लास्टिक की बॉटल में पानी नहीं जहर पी रहे हैं. आपके लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है आप सोच भी नहीं सकते. यह हम नहीं कह रहे बल्कि इस पर कई रिसर्च हुए हैं जिसमें ये बात सामने आई है कि ये शुगर, कैंसर जैसी कई खतरनाक बीमारियों का कारण बनते हैं.

जिन प्लास्टिक की बोतलों में कोल्ड ड्रिंक और मिनरल वाटर बिकता है, वह polyethylene terephthalate (PET) से बनी होती हैं. ज्यादा तापमान होने पर या पानी के गरम होते ही बोतल में से कई खतरनाक हानिकारक तत्व निकलते हैं जो पानी के साथ पेट में पहुंच जाते हैं और फिर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं.

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस पर शोध भी किया. जिसमें यह पाया गया कि प्लास्टिक की बोतलों में जो कैमिकल पाया जाता है वो हमारे हॉर्मोनल सिस्टम के लिए बहुत खतरनाक होता है.अमेरिका में यह रिसर्च 5000 से ज्यादा लोगों पर किया गया जो प्लास्टिक या कोल्ड ड्रिंक के बोतलों में पानी पीते थे. जब उनके यूरीन के सैंपल की जांच की गई तो पाया गया कि उसमें से अधिकतर लोग हॉर्मोनल समस्या से जूझ रहे थे जिसका कारण प्लास्टिक की बोतलों का हद से ज्यादा इस्तेमाल था.एक ऐसी रिसर्च ट्रेडमिल रिव्यू ने किया था. जिसके मुताबिक प्लास्टिक की बेतल में पाए जाने वाले बैक्टीरिया किसी सामान्य टॉयलेट सीट पर पाए जाने वाले बैक्टीरिया से कहीं ज्यादा होते हैं. यानी की प्लास्टिक की बोतल में पाए जाने वाले 60 प्रतिशत कीटाणु लोगों को बीमार करने के लिए काफी हैं. 

क्यों है नुकसानदायक?
कोल्ड ड्रिंक की बोतल में पानी रखने से हार्ट डिजीज, पैदा हुए बच्चे को खतरा, गर्भवती महिला को खतरा, पेट की दिक्कतें आदि ऐसी ही कई बीमारियां हैं, जिसके होने का खतरा निरंतर बना रहता है. दरअसल, प्लास्टिक की बोतलों में BPA (बिसफेनोल) ए नामक एक रसायन भी पाया जाता है, जिसका सेहत पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

ग्लिनविल न्यूट्रीशन क्लीनिक की डॉक्टर मेरिलिन ग्लिनविल (Marilyn Glenville) के अनुसार प्लास्टिक की बॉटल का बार-बार इस्तेमाल करना कई तरह की महिला संबंधित समस्याओं का कारक हो सकती है. जैसे PCOS, हार्मोन में समस्या, ब्रेस्ट कैंसर और कई अन्य चीजें.

कोल्ड ड्रिंक भी कम हानिकारक नहीं 
प्लास्टिक की बोतलों में पानी के साथ जो सॉफ्टड्रिंक मिलती है वह भी बहुत हानिकारक है. इसे स्वास्थ्य मंत्रालय के ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने अपनी जांच में पाया था. DTAB ने पेप्सिको और कोका कोला ब्रांड के कई कोल्ड ड्रिंक्स की जांच की थी. इन सभी में एंटीमनी, लेड, क्रोमियम, कैडमियम और कम्पाउंड DEHP जैसे जहरीले तत्व को होना पाया गया था.

ये हैं प्लास्टिक के सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलों में पानी के नुकसान

– प्लास्टिक के बोतल से पानी पीना कैंसर की वजह हो सकता है. प्लास्टिक की बोतल जब धूप में गर्म होती है तब प्लास्टिक में मौजूद केमिकल का रिसाव शुरू हो जाता है और यह पानी में घुलकर हमारे शरीर को नुकसान पहुंचता है.
– बोतल से पानी पीने से इंसान की स्मरण शक्ति पर बुरा असर पड़ता है.
– बोतल को बनाने के लिए बाइसफेनोल ए का प्रयोग किया जाता है जिसका पेट पर भी बुरा असर पड़ता है. पाचन क्रिया प्रभावित होती है और इससे कब्‍ज और गैस की समस्‍या भी हो सकती है.
– गर्भपात होने का खतरा भी बढ़ सकता है.

इन बोतलों में पानी पीना अच्छा
स्टेनलेस स्टील या एल्यूमीनियम की बोतलें ही पानी को स्टोर करने के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है.

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