Space for advertisement

11 साल पहले जिला जेल से था भागा, गिरफ्तार होने पर बताई कहानी तो पुलिस के उड़े होश


जिला जेल की 26 फीट की दीवार कूदकर 11 साल पहले भागे बंदी को एसटीएफ ने मंगलवार रात दबोच लिया। फरारी के दौरान आरोपित नौ साल से दिल्ली में नाम बदलकर रह रहा था। दो साल से उसने रामपुर को अपना ठिकाना बनाया था। पुलिस ने उसपर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। मंगलवार रात वह एजाज नगर गौटिया में भाई से मिलने जा रहा था, उसी दौरान एसटीएफ ने उसे चौकी चौराहे पर धर दबोचा। उसके पास से फर्जी नाम पते के आधार कार्ड भी बरामद हुए। एसटीएफ ने आरोपित को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। फर्जी आधार कार्ड बनवाने और उसका इस्तेमाल करने पर कोतवाली पुलिस की तरफ से आरोपित पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसटीएफ प्रभारी अजय पाल ने बताया कि मूल रूप से इस्लामपुर थाना खटीमा जिला ऊधम सिंह नगर निवासी नूरुल हसन बाइक चोर था। उसपर पीलीभीत में कई वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज थे। बारादरी पुलिस ने 2009 में नूरुल को वाहन चोरी में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल जाने के कुछ दिन बाद आरोपित को जिला जेल के नीबू बाग में घास काटने भेजा गया था। उस दौरान आरोपित ने लुंगी को चार टुकड़ों में फाड़ा और टुकड़ों को जोड़कर रस्सी सा बना लिया। उसमें पत्थर बांधकर जिला जेल की 26 फीट ऊंची दीवार पर लगे जाल में फेंका। पत्थर जाल में फंसने के बाद नूरुल लुंगी की रस्सी के सहारे दीवार कूदकर भाग गया था। जेल प्रशासन की तरफ से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

बजरंगी निकला भाईजान
एसटीएफ ने बताया कि आरोपित फरार होने के बाद दिल्ली भाग गया। जहां वह नाम बदलकर बजरंगी के नाम से रहने लगा। करीब दो साल बाद उसने पत्नी से संपर्क किया। उसने पत्नी को भी दिल्ली बुला लिया। फिर मुहम्मद अयूब निवासी सरिता विहार गाजियाबाद के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाया। उसने पत्नी का भी फर्जी आधार कार्ड बनवाया।

फर्जी आधार कार्ड से बैंक में खोला खाता, लिया गैस कनेक्शन
आरोपित बेहद शातिर था। उसने फर्जी आधार कार्ड के सहारे बैंक में खाता भी खोल लिया था। उसने पत्नी के फर्जी आधार कार्ड पर गैस कनेक्शन भी लिया। 2018 में दिल्ली छोड़कर रामपुर के बिलासपुर में पत्नी शबाना के साथ रहकर कपड़े की फेरी लगाने लगा।

घर की कुर्की के बाद मुकदमे में लगी थी चार्जशीट
इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने बताया कि आरोपित की फरारी के दौरान गैर जमानती वारंट जारी हुआ। कुर्की की कार्रवाई की गई। गैर हाजिरी का मुकदमा दर्ज किया गया। एक मई 2018 को मुकदमे में चार्जशीट भी लगा दी गई। जिसके बाद से उसकी तलाश जारी थी। आरोपित पर पुलिस की तरफ से 25 हजार का इनाम घोषित किया गया।

एजाजनगर में भाई से मिलने जाते वक्त गिरफ्तार
एसटीएफ कई दिनों से नुरूल के पीछे लगी थी। उसका पीछा भी कर रही थी लेकिन उसने नाम बदलकर मुहम्मद अयूब रख लिया था। जिसके कारण उसकी पहचान छिप रही थी। पुलिस ने उसकी पहचान के लिए एक मुखबिर का सहारा लिया। उसने जब नूरुल को देखकर उसकी पहचान की, तब एसटीएफ ने उसे धर दबोचा।
आपको निचे दी गयी ये खबरें भी बहुत ही पसंद आएँगी।
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!