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800 करोड़ बकाया, सरकार ने जारी किए 34 करोड़; एजुकेशन महासंघ ने कहा- ऊंट के मुंह में जीरा है यह बजट


राजस्थान प्राइवेट एजुकेशन महासंघ ने कहा- हक का पूरा पैसा समय पर मिले

निजी स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों की पुर्नभरण राशि के लिए राज्य सरकार की ओर से लम्बे समय बाद जारी किया गया बजट ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकार ने प्रदेश के निजी स्कूलों के लिए 34 करोड़ का बजट जारी किया, जबकि बकाया राशि 800 करोड़ है।

राजस्थान प्राइवेट एजुकेशन महासंघ अजमेर के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश शर्मा ने कहा कि आरटीई का कुल प्रदेश में 800 करोड़ रुपए बकाया है। में सरकार को आरटीई के तहत पूर्व में बकाया एवं 20-21 की पूर्ण राशि इसमें समायोजित है। इसमें 7 लाख 200 बच्चे प्राइवेट स्कूलों में अध्यापन कर रहे हैं। सरकार की ओर से जारी आरटीआई के भुगतान स्वरूप 34 करोड़ का बजट पर्याप्त नहीं है। यह बहुत कम है।

शर्मा नबताया कि राज्य सरकार को आरटीई के तहत केंद्र सरकार से 65% राशि नियमानुसार सभी राज्यों को एक वर्ष में दो किस्तों में राशि समय पर भेज दी जाती है, लेकिन राज्य सरकार नियमों की अवहेलना करते हुए प्रदेश की निजी शिक्षण संस्थाओं को समय पर भुगतान नहीं कर रही है। स्कूल संचालकों को उनके हक का पैसा समय पर मिलना चाहिए, अन्यथा महासंघ आन्दोलन करेगा।
आपको निचे दी गयी ये खबरें भी बहुत ही पसंद आएँगी।
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