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मंगेतर की जिद.. कार चलाऊंगी, ब्रेक की जगह दब गया एक्सीलेटर, मार दी 8 लोगों को टक्कर



इंदौर। एक 22 वर्षीय युवती ने कार चलाने की धुन में 8 लोगों की जान मुश्किल में डाल दी जागृति नामक इस युवती ने मंगलवार सुबह कार (फॉरच्यूनर) से तीन रिक्शा चालकों सहित आठ को उड़ा दिया। युवती कुक्षी से जेल प्रहरी की परीक्षा देने इंदौर आई थी। उसका मंगेतर आशीष पाहुजा कार लेकर मिलने पहुंच गया। आशीष के पिता वासुदेव की घमंडी लस्सी के नाम से दुकान है। युवती ने कार चलाने की इच्छा जताई और ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दबा दिया। हादसे में घायल चार लोग गंभीर है। उनकी पसलियां और पैरों में फ्रेक्चर हुआ है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर युवती को गिरफ्तार कर लिया है।



टीआइ अमृता सोलंकी के मुताबिक हादसा चोइथराम मंडी चौराहा पर सुबह करीब 11.30 बजे हुआ है। ऑटो चालक सवारी के इंतजार में खड़े हुए थे। अचानक कार (एमपी 09एनआर 0054) तेज रफ्तार में आई और ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद कार चला रही युवती घबरा गई और भागने के चक्कर में दो रिक्शा और चालकों को चपेट में लेते हुए आगे निकल गई। गति इतनी अधिक थी कि पुलिस के बैरिकेट्स तोड़ते हुए 100 मीटर दूर स्थित उधमसिंह की प्रतिमा के डिवाइडर में घुस गई। हादसे में मुकेश शांतिलाल भाटी निवासी आम का बगीचा, राजेश मनोहर लाल दांगी निवासी आम का बगीचा, आयुष पुत्र गोपाल भाटी निवासी तेजपुर गड़बड़ी, जितेंद्र पुत्र मनोहर दांगी निवासी राजरानी नगर और भैयालाल पुत्र कैलाश राठौर निवासी धनगांव घायल हो गए। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस व अन्य रिक्शा चालकों ने घायलों को चोइथराम व क्लॉथ मार्केट अस्पताल में भर्ती करवाया।

सीट बदल कर पुलिस से बोला, कार मैं चला रहा था

प्रत्यक्षदर्शी रोहित भाटी के मुताबिक घायल मुकेश, राजेश व जितेंद्र चोइथराम मंडी चौराहा से रिक्शा चलाते है, जबकि आयुष अपने पिता गोपाल भाटी को टिफिन देने आया था। वह आकर खड़ा हुआ था कि हादसे का शिकार हो गया। इसी तरह भैयालाल यात्री बस से उतर रिक्शा चालकों से बात कर रहा था। हादसे के बाद कार मालिक आशीष ने सीट बदल ली और कहा कार मैं चला रहा था। मेरी गलती से हादसा हुआ है। लोगों ने उसे वीडियो दिखाया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

थाना में फूटफूट कर रोने लगी, युवक बोला घर मत बताओ

पुलिस ने जागृति और आशीष को हिरासत में ले लिया। थाना में युवती फूटफूट कर रोने लगी। उसने कहा कि वह खातीवाला टैंक में किराया से रुम लेकर रहती है। आशीष उसका मंगेतर है। उसने मिलने के लिए कहा तो राजीव गांधी चौराहा पर बुला लिया। बस से उतरी और कुछ देर बात की। उसके बाद कार चलाने की इच्छा जाहिर की। गफलत में ब्रेक की जगह एक्सीलेटर दब गया और उसके बाद कुछ समझ में नहीं आया।
आपको निचे दी गयी ये खबरें भी बहुत ही पसंद आएँगी।
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