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सरकार ने जारी की देश में नई गाईडलाईन, तैयार रखें अपनी वोटर आईडी क्योंकि…



कोरोना वायरस का कहर झेल रही दुनिया को वैक्‍सीन से बड़ी उम्‍मीदें हैं। अलग-अलग देशों में कई टीके बनाने का काम जोरों पर है और इस काम में कई संस्थानों को सफलता भी हाथ लगी है। भारत में भी तीन-चार कोविड टीके उपलब्‍ध कराने की कवायद चल रही है। इन संस्थानों की वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए रेग्युलेटरी अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस बीच केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गाइडलाइंस में बताया गया है कि भारत में किसको और कैसे वैक्सीन दी जाएगी। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि पहले चरण में अगले साल जुलाई तक 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो जाएगा। आइए जानते हैं क्या कहती है केन्द्र सरकार की कोरोना वैक्सीन की गाइडलाइंस…

कोरोना वैक्सीन पर केंद्र की गाइडलाइंस में काम की बातें
– सबसे पहले कोरोना वैक्सीन देने की प्राथमिक तैयारी हेल्थकेयर वर्कर्स (1 करोड़), फ्रंटलाइन वर्कर्स (2 करोड़) और 50 साल से ऊपर (26 करोड़) के लोगों के लिए होगी। वहीं, इसको 50 वर्ष से कम आयु के लोगों द्वारा महामारी की स्थिति के आधार पर किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों (1 करोड़) का भी टीकाकरण किया जाएगा। इसके बाद वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर शेष आबादी का टीकाकरण किया जाएगा।

-केंद्र सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस वैक्सीन देने की प्रक्रिया चुनाव की तरह होगी। हर वैक्सीन साइट पर 5 वैक्सीन ऑफिसर होंगे। इनमें एक सुरक्षाकर्मी, एक अधिकारी वेटिंग, एक वैक्सीनेशन और एक निगरानी के लिए होगा।’

– टीकाकरण की प्राथमिकता के आधार पर 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को पहले चरण में टीके लगाए जाएंगे। संभव है कि 50 से 60 वर्ष और फिर 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को दो श्रेणियों में बांट दिया जाए। यह वैक्सीन की उपलब्धता के आधार पर तय होगा।

– वैक्सीनेशन के लिए उम्र की पुष्टि के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए नवीनतम मतदाता सूची (Lok Sabha and Assembly Voter List) का उपयोग किया जाएगा। इसमें जिनकी उम्र 50 वर्ष या उससे अधिक होगी, उन्हें पहले चरण में वैक्सीन लगा दी जाएगी।

– केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक भारत में कोरोना वैक्सीन आने पर हर सेशन में पहले स्वास्थ्यकर्मियों और फिर अग्रिम मोर्चों पर तैनात अन्य कर्मियों (Frontline Workers) को वैक्सीन दी जाएगी। इस कैटिगरी में पुलिस वाले एवं अन्य कर्मी आएंगे। हर सेशन में इनके लिए अलग से वैक्सिनेशन साइट फिक्स की जाएगी। इसके अलावा हाई रिस्क वाले लोगों के लिए भी अलग से मोबाइल साइट और टीमें बनाई जाएंगी।

– टीकाकरण के हर सत्र में सिर्फ 100 लोगों को ही वैक्सीन लगाई जाएगी। ये लोग पहले से ही रजिस्टर्ड होंगे।

-कोविड -19 वैक्सीन को जिला, प्रखंड और नियोजन इकाइयों में सभी प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही पेश किया जाएगा।

-पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना या नेहरू युवा केंद्र संगठन के कम से कम एक व्यक्ति के साथ 1 वैक्सीनेशन अधिकारी होगा जो एंट्री गेट पर लाभार्थी के पंजीकरण की स्थिति की जांच करेगा।

-टीकाकरण अधिकारी के साथ ही दो ऐसे लोग होंगे जो टीका लगाने आए लोगों की पड़ताल करेंगे। वो पहचान पत्रों की जांच कर उन्हें सत्यापित करेंगे। उनके अलावा, टीकाकरण अधिकारी और भीड़ प्रबंधन, सूचना शिक्षा और संचार के लिए जिम्मेदार दो-सहायक कर्मचारी होंगे।

देश में 9 कोरोना वैक्सीन के ट्रायल
ध्यान रहे कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 98,57,029 तक पहुंच गया है, इनमें से 9,357,464 मरीज अस्पतालों से ठीक हो गए वही कोरोना से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 143,019 हो गया है। भारत में विकास के विभिन्न चरणों में 9 कोरोना वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं और इनमें से तीन प्री क्लिकल ट्रायल में हैं जबकि छह अंडर क्लिकल ट्रायल में हैं। आपको निचे दी गयी ये खबरें भी बहुत ही पसंद आएँगी।
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