Space for advertisement

पथरी, गंजापन और सफेद दाग सहित कई बीमारियों का काल है ये पौधा, जाने फायदे

करँज के पौधे अधिकतर वनों में होते हैं। इनके पत्ते पाकर पत्तों के समान गोल होते हैं। और ऊपर के भाग में चमकदार होते हैं। करंज के पत्ते पचने में चरपरे, गरम, भेदक, पित्तजनक, हल्के तथा वात, कफ, अर्श, कृमि, घाव तथा शोथ रोग नाशक है। फूल - ऊष्ण, तथा त्रिदोष नाशक है। इसके अंकुर रस एवं पचने में चरपरे, अग्निदीपक, पाचक, वात, कफ, अर्श, कुष्ठ, कृमि, विष, शोथ रोग को नष्ट करता है। करँज तेल तीक्ष्ण, गरम, कृमिनाशक, रक्तपित्तकारक, तथा नेत्र रोग, वात पीडा, कुष्ठ, कण्डू, व्रण तथा खुजली को नष्ट करता है। इसके लेप से त्वचा विकार दूर होते हैं घृत करँज - चरपरा गर्म तथा व्रण, वात, सर्व प्रकार के त्वचा रोग, अर्श रोग, तथा कुष्ठ रोग को नष्ट करता है। आइये जानते इसके बेमिसाल फायदे।


Third party image reference
1.पथरी नाशक


Third party image reference
करंज की 1 ग्राम मींगी और 3 ग्राम शहद पहले दिन और इसके बाद 11 दिन तक एक ग्राम बढ़ाते हुए चटाने से पथरी टूटकर निकल जाती है।
2.गंजापन दूर करे


Third party image reference


Third party image reference
करंज के तेल को सिर में लगाने से गंजापन दूर होता है। करंज के ६-१२ ग्राम फूल पीसकर गंजे सिर लगाने से बाल उग आते हैं।
3.पेट के कीड़े मारे


Third party image reference
लता करंज के तेल को पीने से एक या दो दिन में पेट के कीड़े मर जाते हैं और कमजोर शरीर स्वस्थ हो जाता है।
4.पेट की गैस का खात्मा करे


Third party image reference
करंज के पत्तों को उबाल कर उनका पानी छान लें। और ठंडा होने पर रोगी को पिलाने से गैस की समस्या ख़त्म हो जाती है।
5.सफ़ेद दाग को ख़त्म करे


Third party image reference
करंज, नीम और खैर के पत्तों को पीसकर इसका लेप करें और इन्ही पत्तों का काढ़ा बना कर स्नान करें और इसी पानी का पीने के लिए भी उपयोग करें। इससे सफ़ेद दाग में बहुत तेजी से लाभ होता है।
आपको निचे दी गयी ये खबरें भी बहुत ही पसंद आएँगी।
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!