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251 Rs मोबाइल के नाम पर अरबों की ठगी करने वाला मोहित गोयल फिर हुआ गिरफ्तार, इस बार काजू-बादाम के नाम पर ठगे करोड़ों


दिल्‍ली से सटे यूपी के नोएडा (Noida) में पुलिस ने नकली कंपनी बना कर व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर 58 पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य आरोपियों ओम प्रकाश जांगीड़ और मोहित गोयल (Mohit Goyal) को नोएडा सेक्टर-50 से गिरफ्तार किया है। बता दें, मोहित गोयल वही फ्रॉड है, जिसने रिंगिंग बेल नाम की कंपनी बनाकर वर्ष 2015 में महज 251 रुपए में एंड्रॉयड फोन देने का वादा कर अरबों की ठगी की थी। अब ये लोग ड्राई फ्रूट्स के नाम पर धोखाधड़ी कर 100 करोड़ से ज्‍यादा की ठगी कर चुके हैं। मामले में अभी कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

कारोबारियों को ऐसे ठगता था गैंग
एडिशनल पुलिस कमिश्नर लव कुमार (लॉ एंड ऑर्डर) ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने सेक्टर-62 स्थित कोरेंथम टावर में 'दुबई ड्राई फ्रूट्स एंड स्पाइस हब' नाम से एक फर्जी ट्रेडिंग कंपनी खोली थी। ओमप्रकाश जांगिड़ को कंपनी का एमडी बनाया गया था, जबकि मोहित गोयल इसका प्रोमोटर था। गैंग के लोग देशभर की विभिन्न फर्मों से ड्राई फ्रूट्स, दाल, तेल, मसाले खरीदते थे। फर्म संचालकों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें एडवांस के रूप में कुछ कैश भी दे देते थे। बाद में उनसे लाखों रुपए के ड्राई फ्रूट्स व अन्य सामान ले लेते थे और पैसे नहीं देते थे।

251 रुपए का एंड्रॉयड फोन देने का वादा कर अरबों की ठगी कर चुका है मोहित


ठगी का शि‍कार हुए कारोबारी रोहित मोहन ने थाना सेक्टर-58 में दुबई ड्राई फ्रूट्स एंड स्पाइस हब के 14 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इस मामले में थाना सेक्टर-58 पुलिस ने मोहित गोयल और जयपुर के रहने वाले ओमप्रकाश जांगीड को रविवार शाम सेक्टर-50 मेघदूत सोसायटी के पास से गिरफ्तार किया है। बता दें, मोहित गोयल रिंगिंग बेल का एमडी है, जिसने 2015 में 251 रुपए का एंड्रॉयड फोन देने का वादा कर लोगों से अरबों रुपए की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के पास एक ऑडी कार, एक इनोवा कार, 60 किग्रा ड्राई फ्रूट्स के सैंपल व अन्य कागजात बरामद किए हैं।

आरोपी मोहित ने किया ये खुलासा
आरोपी मोहित ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह होलसेलर कारोबारियों से बाजार रेट से महंगे दामों पर माल खरीदते थे। इसके बदले उन्‍हें 40 प्रतिशत पैसा एडवांस के तौर पर दे देते थे। बचे हुए पैसे के लिए चेक देते थे, जिसकी पेमेंट स्टॉप करा देते थे। इसके बाद दिल्‍ली, गाजियाबाद, गुड़गांव की विभिन्न मंडियों व रिटेलर कारोबारियों को सस्ते दाम में माल बेचते थे। इसका पेमेंट नगद होता था, जो वह आपस में बांट लेते थे। पुलिस गिरोह में शामिल अन्‍य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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