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बच्चे का आधार कार्ड बनवाने में न करें देरी, जान लें इन डॉक्यूमेंट्स की पड़ती है जरुरत


23 Jan 2021.5:26 PM





बच्चों का भी आधार कार्ड जरूर बनवाना चाहिए. अगर आपके बच्चे का आधार नहीं बना है तो कई कामों में रुकावट आ सकती है.

आधार कार्ड आज के दौर में हर किसी के लिए जरूरी बन गया है. बच्चों का भी आधार कार्ड जरूर बनवाना चाहिए. अगर आपके बच्चे का आधार नहीं बना है तो कई कामों में रुकावट आ सकती है. आज हम आपको बता रहे हैं कि बच्चों को आधार बनाने के क्या फायदे हैं और इसके लिए कौन से दस्तावेज की जरुरत है.

बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के फायदे


आधार बच्चे के पहचान पत्र के तौर पर काम करेगा. बच्चों का न ड्राइविंग लाइसेंस बनता है और न ही मतदाता पहचान पत्र. ऐसे में आधार ही उनका पहचान पत्र होता है. सरकारी संस्थानों में तो यह काम आएगा ही निजी संस्थान भी इससे इनकार नहीं कर सकते.

स्कूल में भी अब एडमिशन के टाइम पर आधार नंबर मांगा जा रहा है. जिन बच्चों का आधार नहीं हैं उन्हें स्कूल एक तय समय में आधार कार्ड बनवाने का निर्देश दे रहे है.

सरकार कार्यक्रमों, छात्रवृत्ति हासिल करने तक में आधार कार्ड बच्चे के बहुत काम आएगा. बच्चों के बचत खातों के लिए भी आधार जरूरी है.

बच्चों के लिए आधार के साथ पासपोर्ट भी सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, मगर देश में पासपोर्ट रखने वाले लोगों की संख्या काफी कम हैं.

जानते हैं इसे बनवाने के कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए

5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए


ऐसा डॉक्यूमेंट जो बच्चे के साथ माता-पिता या अभिभावक का संबंधदर्शाता हो जैसे- बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट या हॉस्पिटल द्वारा जारी डिस्चार्ज कार्ड/पर्ची

माता या पिता में से किसी एक/अभिभावक का आधार

जब भी बच्चे का आधार बनवाने जाएं तो इन दोनों डॉक्युमेंट की ओरिजिनल कॉपी भी साथ लेकर जाएं.

5 से 15 साल के बीच बच्चे के लिए डॉक्यूमेंट


बच्चे के नाम पर अगर कोई डॉक्युमेंट नहीं है तो मां-बाप के साथ उसका संबंध दर्शाने वाला दस्तावेज जैसे बर्थ सर्टिफिकेट.

अगर बच्चे के नाम पर कोई डॉक्युमेंट है तो स्कूल आईडी जैसे कोई वैलिड आईडी व एड्रेस प्रूफ देना होगा. वैलिड प्रूव्स की लिस्ट यहां मौजूद है.. https://uidai.gov.in/images/commdoc/valid_documents_list.pdf

मां-बाप में से किसी एक का आधार.

इन बातों का रखें ध्यान


5 साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक डिटेल्स नहीं लिए जाते हैं, केवल फोटो ली जाती है.

5 साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक्स यानी अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतली विकसित नहीं होते हैं.

बच्चे जब पांच साल का हो जात है तो उसकी बायोमेट्रिक्स डिटेल्स ली जाती हैं.

बच्चे के बड़ा होने पर उसके बायोमेट्रिक्स में बदलाव आता है. बच्चे के 15 साल का होने पर ये डिटेल्स अपडेट कराना जरूरी है.

बच्चों की बायोमेट्रिक्स का अपडेशन फ्री है

बायोमेट्रिक्स अपडेशन के लिए कोई डॉक्युमेंट नहीं चाहिए. केवल बच्चे को उसके आधार कार्ड के साथ आधार केंद्र ले जाएं.
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