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दूल्हे ने समाज के लिए पेश की मिसाल, 21 लाख का दहेज ठुकरा स्वीकार किया बस एक रूपया

 

वैसे ये बात तो सच है कि आज कल का जमाना बदल गया है वहीं ये बात भी सच है कि जमाने के साथ साथ लोगों की सोच भी बदल गई है। अगर आपको याद होगा तो आज से कुछ समय पहले जब किसी लड़की की शादी होती है अपनी बेटी की शादी करता है तो लड़कों वालों की तरफ से उनकी मांग की लंबी चौड़ी लिस्ट बन जाती है जिसकी वजह से कई बार मां बाप इन मांगों को नहीं पूरा कर पाते थें तो उनकी बेटियां कुवांरी रह जाती थी। और कुछ मां बाप ऐसे थें जो लड़के वालों की हर इच्छा पूरी करते थें क्योंकि आखिर हर माँ-बाप यही चाहता है कि उसकी बेटी जिस घर में जाए उसको किसी भी प्रकार की तकलीफ ना हो जिसकी वजह से वो लड़के वालों की सारी मांग पूरी कर देते थें।




इतना ही नहीं इसके अलावा आपने कई बार खबरों में भी सुना होगा कि आए दिन दहेज के लिए प्रताड़ित करने की खबरें तो सुनी ही होगी, कहीं दहेज के लिए लड़की को घर से बाहर निकाल दिया जाता है। यही वजह है कि सरकार ने भी दहेज को लेकर काफी कड़े कानून बनाए है जिसमें बताया गया है कि दहेज लेना और देना दोनों ही अपराध है लेकिन लोग आज भी इसके बावजूद भी धड़ल्ले से दहेज लेते हैं लेकिन आज हम आपको जिस खबर के बारे में बताने जा रहे हैं ऐसा देखने को बेहद कम ही मिलता है, इस खबर को जानने के बाद आप भी लड़के की तारीफ करते हुए नहीं रुकेंगें।



दरअसल आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक राजपूत दूल्हे ने लाखों का दहेज लेने से इंकार कर दिया जी हां इतना ही नहीं उस दूल्हे और उसके परिवार वालों ने बिना किसी दहेज की शादी की है। जिसके बाद लोगों ने इस शादी को लेकर बहुत ही प्रशंसा की है, चित्तौड़गढ़ के प्रताप नगर निवासी गणपत सिंह पवार की बेटी नीतू कवर बिरला अस्पताल में डॉक्टर है और इसका विवाह राजस्थान के पाली जिले के सिरियारी सीएचसी के डॉक्टर पुष्पेंद्र सिंह के साथ तय हुई है।







आपको बता दें कि जब इस लड़की के घर लड़के वाले बारात लेकर पहुंचे तब विवाह की सारी रस्में पूरी परंपरा के साथ निभाई गई और इसके बाद जब आखिरी में लड़की के परिवार वालों ने दूल्हे को दहेज के लिए कहा तो लड़के ने दहेज लेने से साफ मना कर दिया जी हां इतना ही नहीं बता दें कि लड़की वालों की तरफ से दूल्हे को ₹2100000 का दहेज दिया जा रहा था जिसको दूल्हे ने लेने से मना कर दिया था और उसने शगुन के तौर पर मात्र ₹1 रुपये ही लिए थे।



इसके बाद लोगों ने ये देख दूल्हे की तारीफ करनी शुरू कर दी जी हां बता दें कि दूल्हे के पिता जालम सिंह का ऐसा कहना था कि हमारे लिए यह संयोग की बात है कि हमारे बेटे की शादी के द्वारा सभी लोगों को एक अच्छा संदेश दे पाए हैं, लड़की के घर वालों ने ₹21 लाख लग्न टीके में दिए थे जो हमने लेने से मना कर दिया। ये हमारे बीच पहले से ही तय हो गया था बेटा सरकारी नौकरी कर रहा है तो क्या हुआ, हम बिना दहेज की शादी करेंगे। ये शादी वाकई में समाज के लिए एक मिसाल है।
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