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प्राइवेट कर्मचारियों के लिए आई अच्‍छी खबर, जानकर खुशी से झूम उठेंगे



नई दिल्‍ली। कर्मचारी भविष्‍य निधि की तरह अब नौकरी बदलने पर ग्रैच्युटी को भी ट्रांसफर किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सरकार-यूनियन और इंडस्ट्री के बीच मौजूदा ग्रैच्युटी स्ट्रक्चर में बदलाव पर सहमति बन चुकी है और इसे जल्‍द ही सामाजिक सुरक्षा अधिनियम से जुड़े नियमों में शामिल किया जाएगा।

सीएनबीसी-आवाज की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों को PF की तरह ग्रैच्युटी ट्रांसफर का भी विकल्प मिलेगा। ग्रैच्युटी पोर्टेबिलिटी पर इंडस्ट्री-यूनियन में सहमति बनने के बाद नौकरी बदलने पर PF की तरह ग्रैच्युटी भी ट्रांसफर होगी। PF की तरह मासिक ग्रैच्‍युटी कंट्रीब्यूशन पर भी सहमति बनी है।

सूत्रों के मुताबिक श्रम मंत्रालय-यूनियन-इंडस्ट्री की बैठक में ग्रैच्युटी को सीटीसी का हिस्सा बनाने के भी प्रस्ताव पर चर्चा की गई। ये प्रावधान सोशल सिक्योरिटी कोड के नियम में शामिल किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक इस पर फाइनल नोटिफिकेशन अगले महीने संभव है। हालांकि ग्रैच्युटी के लिए वर्किंग डे बढ़ाने पर इंडस्ट्री सहमत नहीं है। यानी इंडस्ट्री ग्रैच्युटी के लिए वर्किंग डे 15 दिन से 30 दिन करने के प्रस्ताव पर सहमत नहीं है।

क्‍या है ग्रैच्‍युटी (Gratuity)
ग्रैच्‍युटी एक ऐसा लाभ है, जिसका भुगतान पेमेंट ऑफ ग्रैच्‍युटी एक्‍ट 1972 के तहत किया जाता है। ग्रैच्‍युटी वह धन है जिसका भुगतान नियोक्‍ता द्वारा किसी कर्मचारी को उसके द्वारा कंपनी को दी गई सेवाओं के लिए किया जाता है। हालांकि ग्रैच्‍युटी का भुगतान केवल उसी कर्मचारी को किया जाता है, जिसने कंपनी को 5 साल या उससे अधिक समय तक अपनी सेवाएं दी हों।

यहां एन का मतलब किसी कंपनी में काम करने के कुल वर्ष से है। बी का मतलब अंतिम बेसिक सैलरी और डीए से है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कोई व्‍यक्ति एक कंपनी में 20 साल तक काम करता है और उसकी अंतिम बेसिक सैलरी और डीए की राशि 25,000 रुपये है, तब ऐसे में उसका ग्रैच्‍युटी अमाउंट = 20*25,000*15/26 = 2,88,461.54 रुपये होगा।
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