Space for advertisement

सुबह-सुबह सूर्य को अर्पित करें एक लोटा जल, बीमारी रहेगी कोसों दूर…मिलेगा पैसा भरपूर



शास्त्रों के मुताबिक, नियमित रूप से सूर्य को एक लोटा जल अर्पित करने से बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है और नौकरी में भी लाभ मिलता है. तो आइए जानते हैं सूर्य को जल चढ़ाने के फायदों के बारे में. सूर्य को सुबह-सुबह जल चढ़ाने की परंपरा सनातन काल से ही चली आ रही है. सूर्य देव को हिंदू धर्म में प्रत्यक्ष देवता माना गया है और हर दिन सूर्य देव धरती पर प्रकाश फैलाते हैं. वेदों और पुराणों में भी सूर्य को जल अर्पित करने के बारे में बताया गया है. लेकिन इस दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

सूर्य को जल चढ़ाने के फायदे
स्वास्थ्य लाभ
सूर्य को सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रतीक माना गया है. सूर्य की किरणों के प्रभाव से शरीर में मौजूद बैक्टीरिया दूर होते हैं और शरीर निरोग बनता है. हर दिन सूर्य को जल अर्पित करने से आत्मबल प्राप्त होता है और व्यक्ति कई बीमारियों से बचा रहता है. क्योंकि जब सूर्य को जल अर्पित किया जाता है तब उसकी किरणें सीधी शरीर पर पड़ती हैं जिससे शरीर को विटामिन-डी भी मिलता है.

शरीर रहेगा ऊर्जावान
नियमित रूप से एक लोटा जल सूर्य को चढ़ाने से शरीर पूरे दिन ऊर्जा से भरपूर रहता है. जल चढ़ाने से बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है. जिससे व्यक्ति अपने दिनभर के काम पूरी लगन और ऊर्जा के साथ करने में सफल होता है. जब व्यक्ति ऊर्जावान होता है तब उसे कार्यक्षेत्र में भी लाभ प्राप्त होता है.

तरक्की और मान सम्मान
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को एक ऐसा ग्रह बताया गया है जो व्यक्ति को मान-सम्मान के साथ तरक्की भी दिलाता है. अगर आप अपने काम या नौकरी से परेशान हैं तो नियमित रूप से सूर्य को एक लोटा जल चढ़ाने का नियम बना लें. इससे आपकी नौकरी संबंधित परेशानियां दूर होंगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा व उच्चाधिकारियों का साथ मिलेगा.

कुंडली दोष होगा दूर
जिस व्यक्ति के कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर होता है. उसे हर दिन प्रातः एक लोटा जल सूर्य भगवान को अर्पित करना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो ऐसा करने से कुंडली दोष दूर होता है और व्यक्ति के जीवन में आ रही बाधाओं से छुटकारा मिलने लगता है.

जानें, सूर्य देव को जल अर्पित करने का सही तरीका
बहुत से लोग नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पित करते हैं मगर इसका सही तरीका नहीं जानते. प्रातः स्नान आदि कर साफ वस्त्र पहनें. फिर तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को चढ़ाएं. ध्यान रहे कि, सूर्य निकलने से 1 घंटे के भीतर जल अर्पित करना सर्वोत्तम होता है. अगर ऐसा संभव न हो तो सुबह 8 बजे तक सूर्य देव को जल अर्पित कर दें. लेकिन अर्पित करने से पहले लोटे के जल में चुटकीभर रोली या लाल चंदन मिलाएं और लाल फूल के साथ सूर्य देव को अर्पित करें. जल अर्पि करते समय आपका मुख पूर्व दिशा ही ओर ही होना चाहिए और जल के छीटें पैरों पर नहीं पड़ने चाहिए.
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!