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गुस्साये किसानों ने किया हाइवे पर कब्जा, पल बिछाकर बैठ गये सडक पर




बागपत। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का गुस्‍सा शनिवार को फूट पड़ा। किसानों नेे ईस्टर्न पेरीफेरेल एक्सप्रेस-वे पर जाकर धरना दे दिया। इस दौरान हरियाणा की ओर से आ रहे वाहनों की लंबी कतार लग गई। काफी देर तक एक्‍सप्रेस वे पर हंगामा और नारेबाजी के बाद किसानों ने रास्‍ते को खोल दिया। इस दौरान कई जगहों पर रूट डायवर्ट कर दिया गया था। उधर, किसानों ने कहा कि आंदोलन के 100 दिन होने के बाद भी किसानों की बात नहीं सुनी जा रही है। इस कारण आज ईपीए पर जाम लगाने की तैयारी की गई थी।

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने खेकड़ा क्षेत्र में ईस्टर्न पेरीफेरेल एक्सप्रेस-वे पर यमुना पुल के पास सुबह 11 बजे जाम लगाकर तीनों नए कृषि कानूनों के विरोध में नारेबाजी की। हरियाणा की ओर जाने वाले वाहनों को रोका गया। जिससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई। वहीं हरियाणा सीमा क्षेत्र में कुंडली बार्डर पर सोनीपत के किसानों ने जाम लगाकर एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागन रोका हुआ है। हालांकि खेकड़ा में जाम लगने के बाद बागपत पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे से निकलवाकर निवाड़ा यमुना पुल से निकलवाने शुरू कर दिए हैं।

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे धरना देकर पर भाकियू जिलाध्यक्ष चौ.प्रताप सिंह गुर्जर तथा रालोद जिलाध्यक्ष डा. जगपाल सिंह व भाकियू युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह ने कहा कि किसानों के आंदोलन को 101 दिन हो गए हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों नए कृषि कानूनो का रद कर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करना पड़ेगा। गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने तथा बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं लेकिन सरकार को चिंता नहीं। वहीं किसानों के जाम लगाने से सैकड़ों वाहन चालकों और उनमें सवार अन्य लोगों को परेशानी हुई। किसानों ने कहा कि एंबुलेंस समेत इमरजेंसी सेवाओं को जाम से मुक्त रखा गया है। जाम लगाने वालों में विनोद, योगेश प्रधान, ठाकुर तेजपाल सिंह समेत अनेक किसान शामिल हैं।
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