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जब सहवाग ने खड़ा किया रनों का पहाड़, द्रविड़ ने भी लगाई खूब मार, फिर भी नहीं हुआ भारत का बेड़ा पार



भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 2008 का चेन्नई टेस्ट बेहद खास था. सीरीज के इस पहले ही टेस्ट में भारत के विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने एक ऐसा करिश्मा कर डाला, जो क्रिकेट इतिहास में उनके अलावा सिर्फ 3 खिलाड़ी कर सके हैं. चार साल पहले पाकिस्तान जाकर भारतीय क्रिकेट का पहला तिहरा शतक जमाकर ‘मुल्तान का सुल्तान’ बनने वाले सहवाग ने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हजारों भारतीय फैंस के सामने इस कारनामे को दोहराया और दो बार तिहरा शतक बनाने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज बन गए. सहवाग ने जब ये इतिहास रचा, तो राहुल द्रविड़ ने भी बखूबी उनका साथ दिया और एक बेहतरीन शतक जमाया. फिर भी भारत को जीत नसीब नहीं हो पाई.

2008 में भारत दौरे पर आई दक्षिण अफ्रीकी टीम उस वक्त की सबसे मजबूत टेस्ट टीमों में से थी. फिर भी भारतीय जमीन पर विदेशी टीमों के लिए टेस्ट मैच जीतना आसान काम नहीं है. एक ड्रॉ भी उनका उत्साह बढ़ाने के लिए काफी होता है. यही स्थिति उस वक्त भी थी. ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों के कहर के बावजूद 13 साल पहले साउथ अफ्रीकी टीम ने आज ही के दिन सीरीज के पहला ही टेस्ट में भारत को जीत से रोककर बड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की.

हाशिम अमला का हमला

मैच में ग्रेम स्मिथ के नेतृत्व वाली अफ्रीकी टीम ने पहले बल्लेबाजी की. टीम के बल्लेबाजों ने शुुरू से लेकर अंत तक जबरदस्त प्रदर्शन किया. खास तौर पर हाशिम अमला टीम के सबसे सफल बल्लेबाज रहे, जिन्होंने 159 रनों की शानदार पारी खेली. उन्हें आउट करना अनिल कुंबले और हरभजन सिंह जैसे दिग्गजों के लिए मुश्किल साबित हुआ. आखिरकार रन आउट के जरिए उनका विकेट भारत को मिला. स्मिथ, नील मैकेंजी और मार्क बाउचर ने भी अर्धशतक जमाकर उनका साथ दिया और दक्षिण अफ्रीका ने लगभग 2 दिन बल्लेबाजी कर 540 रन बनाए.

वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्डतोड़ तिहरा शतक

भारत ने भी उसी अंदाज में जवाब दिया और वीरेंद्र सहवाग ने साथी ओपनर वसीम जाफर के साथ मिलकर 213 रनों की साझेदारी की. सहवाग इस वक्त तक अपना ताबड़तोड़ शतक पूरा कर चुके थे. लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ. सहवाग और राहुल द्रविड़ ने मिलकर अफ्रीकी गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया.

डेल स्टेन, मखाया एनटिनी, जैकस कैलिस जैसे दिग्गज गेंदबाज बेबस नजर आए. इस दौरान सहवाग धुआंधार खेल जारी रखा और सिर्फ 278 गेंदों में अपना तिहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया. ये न सिर्फ दूसरा तिहरा शतक था, बल्कि सबसे तेज तिहरा शतक भी था.

द्रविड़ ने भी बरसाए रन

हालांकि, बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे सहवाग चौथे दिन अपनी पारी को और आगे नहीं ले जा सके और 319 रन बनाकर आउट हो गए. सहवाग ने इस दौरान द्रविड़ के साथ 268 रनों की साझेदारी की. इसके बाद बाकी भारतीय बल्लेबाज ज्यादा वक्त नहीं बिता सके, लेकिन द्रविड़ ने एक बेहतरीन शतक जमाकर ही दम दिया. द्रवि़ड़ ने 111 रन बनाए और भारत की पारी चौथे दिन 627 रनों पर खत्म हुई.

जीत के आड़े आए मैकेंजी और अमला

यहां से टीम इंडिया को उम्मीद थी कि जल्द ही साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी को पांचवें दिन खत्म कर मैच जीतने की ओर कदम बढ़ाएंगे, लेकिन अफ्रीकी ओपनर नील मैकेंजी के इरादे कुछ अलग थे. मैकेंजी ने पूरे पांचवें दिन तक बल्लेबाजी की और एक बेहतरीन शतक जमाया. उनके साथ एक बार फिर हाशिम अमला (81) ने भारत को परेशान किया. मैकेंजी 155 रन बनाकर नाबाद रहे और दक्षिण अफ्रीका ने अपनी पारी 331 रनों पर घोषित कर दी. इसके साथ ही मैच भी ड्रॉ पर खत्म हो गया. दक्षिण अफ्रीका को इस शुरुआत का फायदा मिला और उसने सीरीज का अगला मैच जीतकर बढ़त हासिल की. निचे दी गयी खबरें भी पसंद आएँगी।
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