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5 मौके जब फॉलोऑन मिलने के बाद भारतीय बल्लेबाज ने लगाया शानदार शतक

 

टेस्ट खेलने वाली किसी भी टीम के लिए फॉलोऑन एक बेहद खराब चीज मानी जाती हैं. आईसीस के नियम के अनुसार टीम जब विरोधी टीम को फॉलोऑन सकती हैं जब टीम को पहली पारी के आधार पर 200 रनों कीबढ़त मिल रही हो.

फॉलोऑन मिलने के बाद जीत के संभावना बेहद कम हो जाती हैं हालाँकि आज इस लेख में हम 5 ऐसे मौको को याद करेंगे जब इंडियन बल्लेबाजों ने फॉलोऑन मिलने के बाद शानदार शतक लगाया हैं.

1) विजय हजारे- 145 vs ऑस्ट्रेलिया

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1948 में एडिलेड के मैदान पर यादगार टेस्ट खेला गया था. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए डॉन ब्रैडमैन के 201 रनों की मदद से 674 रन बनाये थे. जिसके जवाब में भारत की टीम ने पहली पारी में दत्तु फाड़कर और विजय हजारे के शतकों की मदद से 381 रन बनाये थे. जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फॉलोऑन दिया था.

इसके जवाब में विजय हजारे ने नंबर 4 बल्लेबाजी करते हुए 372 गेंदों पर 17 चौको की मदद से 145 रनों की यादगार पारी खेली थी. हालाँकि अन्य बल्लेबाजों की नाकामी के कारण टीम इंडिया दूसरी पारी में सिर्फ 277 रनों पर ऑलआउट ही गयी थी और टीम को पारी और 16 रनों से हार मिली थी.

2) दिलीप वेंगसरकर- 157 रन vs इंग्लैंड

क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद पूर्व भारतीय राष्ट्रीय चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने लॉर्ड्स के हॉनर बोर्ड पर अपनी नाम दर्ज कराया था. मैच में इंग्लैंड की पहली पारी ने 433 रनों के जवाब में भारत केवल 128 रन बना सका. पहली पारी में केवल दो रन बनाने वाले वेंगसरकर ने फॉलोऑन मिलने के बाद 157 रन की तूफानी पारी खेलकर वापसी की. भारत ये मैच नहीं जीत सका, लेकिन वेंगसरकर की पारी की सभी ने प्रसंशा की.

3) वीवीएस लक्ष्मण- 281 रन vs ऑस्ट्रेलिया

टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण पारी वीवीएस लक्ष्मण ने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी. ईडन गार्डन्स पर खेलते हुए, मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने लगभग 300 रन की बढ़त हासिल की और फिर दूसरी पारी में भारत के 3 विकेट सिर्फ 115 पर गिरा दिए. ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया मैच आसानी से जीत लेगा. हालांकि, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की शानदार साझेदारी ने मेजबान टीम की शानदार वापसी कराई. लक्ष्मण ने इस दौरान 281 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई थी.

4) वीवीएस लक्ष्मण- नाबाद 124 रन vs न्यूजीलैंड

वीवीएस लक्ष्मण एक टेस्ट मैच स्पेशलिस्ट रहे हैं और दूसरी बार इस सूची में दिखाई देने वाले अकेले बल्लेबाज भी हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर ने ग्यारह साल पहले नेपियर में एक और मास्टरक्लास पारी खेली थी. मैच में कीवी सलामी बल्लेबाज जेसी राइडर के दोहरे शतक और तेज गेंदबाजी यूनिट के कुछ शानदार प्रदर्शन से मेजबान को बड़ी बढ़त मिली थी. जिसके बाद ब्लैककैप जीत की दावेदार मानी जा रही थी. लेकिन लक्ष्मण ने 212 गेंदों पर 124 रनों की पारी खेलकर कीवी टीम को जीत से वंचित कर दिया.

5) सचिन तेंदुलकर- 100 रन vs साउथ अफ्रीका

2000 के दशक में साउथ अफ्रीका टीम के पास के मजबूत तेज गेंदबाजी यूनिट थी. टेस्ट क्रिकेट में वे हर टीम में हावी रहे. जब उन्होंने 2010 में भारत का दौरा किया, तो हाशिम अमला की डबल टन ने प्रोटियाज़ को बोर्ड पर 558 रन का विशाल स्कोर बनाने में मदद की.

जिसके बाद डेल स्टेन की 7 विकेट की मदद से भारत को पहली पारी में सिर्फ 233 रनों पर ढेर कर दिया था. पहली पारी में विफल रहे सचिन तेंदुलकर ने शतक लगाकर दूसरी पारी में वापसी की कोशिश की, लेकिन मेहमान गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के कारण भारत की टीम हार नहीं टाल पायी.

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