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5 मौके जब चोटिल खिलाड़ियों ने की मैदान पर वापसी और अपनी टीम को दिलाई जीत..*



चोट खेल का हिस्सा है और क्रिकेट मैदान पर हल्की-फुल्की लगना सधारण बात हैं लेकिन कई बार खिलाड़ियों को गंभीर चोट लगती हैं, जिसके कारण उन्हें पवेलियन वापसी लौटना पड़ता हैं लेकिन आज इस लेख में हम 5 ऐसे मौकों को याद करेंगे जब चोटिल खिलाड़ियों ने मैदान पर वापसी की और अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई हैं.

1) रिक मैककोस्कर (ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड)

यह 1977 में एक टेस्ट मैच था और उन दिनों में, पिचें ढकी हुई नहीं होती थी और सुबह में बहुत अधिक नमी थी चूंकि हेलमेट उन दिनों नही होते थे, दिन के पहले सत्र में गेंद को खेलना हमेशा खतरनाक होता था.

पहली पारी में तीज गेंदबाज बॉब विलिस परर प्रयास करने की कोशिश जिसके बाद रिक मैककोस्कर के सिर पर काफी चोट आई और उनके सर खून बहने लगा था, इसलिए उन्हें पवेलियन वापसी लौटना पड़ा. चोट स्पष्ट रूप से बहुत गंभीर थी, लेकिन जब दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को उसकी आवश्यकता थी, तब सर की चोट के बावजूद मैक्कोस्कर बल्लेबाजी करने मैदान पर उतर गए और उन्होंने 10वें के लिए रोडनी मार्श के साथ साझेदारी बनायीं और अपनी टाम को जीत दिलाई.

2) केदार जाधव (भारत बनाम बांग्लादेश)

केदार जाधव कभी भी भारत के लिए फिटेस्ट क्रिकेटरों में से नहीं रहे हैं. जब से उन्होंने भारत के लिए खेलना शुरू किया है, तब से उन्हें हैमस्ट्रिंग समस्या रही है और यह 2018 में एशिया कप के फाइनल में एक बार फिर सामने आया.

चोट के कारण जाधव को मैदान छोड़ना पड़ा क्योंकि वह ठीक से रन नहीं बना पा रहे थे और बड़े शॉट भी नहीं मार पा रहे थे. लेकिन जैसे ही भारत ने अंत में लगातार विकेट खो दिए और मैच फिसलता दिख रहा था, जाधव ने वापसी की और आखिरी गेंद पर खेल फिनिश कर भारत को एशिया कप टूर्नामेंट जीता दिया.

3) सौरव गांगुली (भारत बनाम श्रीलंका)

यह 2006 में श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय खेल था जहां गांगुली ने वीरेंद्र सहवाग के साथ बल्लेबाजी की और श्रीलंकाई ऑलराउंडर फरवेज़ माहरूफ़ की गेंद पर शॉर्ट डिलीवरी से रिब केज एरिया में उन्हें चोट लगी.

यह दर्द इतना अधिक था कि पूर्व भारतीय कप्तान ने यह सोचकर मैदान छोड़ने का फैसला किया कि कोई और खिलाड़ी उस स्तिथि में बेहतर बल्लेबाजी करेगा. हालाँकि, बाएं हाथ के बल्लेबाज को बाद में लौटना पड़ा क्योंकि भारत ने जल्दी-जल्दी कुछ विकेट खो दिए थे. इसके बाद गांगुली युवराज सिंह के साथ मैच विनिंग साझेदारी बनायीं थी, और भारत को मैच जीताया था.

4) मैल्कम मार्शल (वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड)

मैल्कम मार्शल को 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच की पहली पारी के दौरान अपने अंगूठे में फ्रैक्चर हो गया था. ज्यादातर लोगों ने सोचा कि मार्शल बल्लेबाज़ी नही करेंगे लेकिन वह सिर्फ एक हाथ से बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर आ आए. उनके टीम के साथी खिलाड़ी लैरी गोम्स ने मार्शल की मदद शतक पूरा किया.

लेकिन जीत के लिए पर्याप्त नहीं था, तो इसके बाद, मार्शल दूसरी पारी में गेंदबाजी करने आए और इंग्लैंड के सात झटकने के साथ विरोधी टीम को सिर्फ 150 रनों पर समेट दिया. वेस्टइंडीज ने उस टेस्ट मैच में 8 विकेट से जीत हासिल की.

5) तमीम इकबाल (बांग्लादेश बनाम श्रीलंका)

यह 2018 में एक एशिया कप मैच था, जिसमें तमीम इकबाल ने बांग्लादेश के लिए बल्लेबाजी की शुरुआत की और श्रीलंका के तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल की गेंद पर चोटिल हो गए. जिसके बाद तमीम को मैदान छोड़ना पड़ा और ऐसा लगने लगा कि वह दोबारा बल्लेबाजी नहीं कर पाएंगे.

लेकिन मैच में आश्चर्यजनक मोड़ तब आया जब लगातार विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने दोबारा आ गए मुशफिकुर रहीम के साथ अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने में मदद की. मुश्फिकुर ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया, जबकि तमीम एक छोर पर विकेट पर खड़े रहे. नतीजा ये हुआ कि इस मैच में बांग्लादेश को जीत हासिल हुई.
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