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कोरोना मरीज की जान बचाने के लिए अकील ने तोड़ा रोजा, प्लाज्मा डोनेट किया, बोले- सेवा सबसे बड़ी इबादत

कोरोना वायरस ने हर किसी को तोड़कर रख दिया है. पूरी दुनिया इस खतरनाक बीमारी से लड़ रही है, लोग अपने आप को बचाने के हर मुमकिन कोशिश में जुटे हैं. वहीं समाज मे ऐसे कई लोग भी हैं, जो इस दौर में कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों को नया जीवनदान देने के लिए आगे आ रहे है.

अकील नाम के युवक ने रमजान के पाक महीने का पहला रोजा तोड़कर मानवता का फर्ज अदा किया है. दरअसल अकील अब तक 17 बार बल्ड और 3 बार कोरोना पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए अपना प्लाजमा दान कर चुके हैं ।

कोरोना पीड़ित गंभीर मरीजों को प्लाज्मा की आवश्यकता रहती है. उदयपुर में भर्ती एक मरीज को A+ प्लाज्मा की जरुरत थी और किसी भी ब्लड बैंक में A+ प्लाज्मा उपलब्ध नहीं था. जब इसकी जानकारी रमजान के रोजा रखने वाले अकील मंसूरी को मिली तो उन्होंने अपना एंटीबॉडी टेस्ट करवाया.

एंटीबॉडी पॉजिटिव आने पर उन्हें पता चला कि भूखे पेट प्लाज्मा डोनेट नहीं कर सकते हैं तो अकील ने अल्लाह से माफी मांग कर अपना रोजा तोड़ा और कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीज को प्लाज्मा दान किया.

रोजा तोड़कर मुस्लिम युवक ने प्लाजमा डोनेट किया
रमजान में रोजे रखने वाले अकील का कहना है कि अल्लाह की सच्ची इबादत किसी की सेवा करना है और उन्हें जब सेवा का यह मौका मिला इसलिए उन्हें अपना रोजा तोड़ने का भी कोई गम नहीं है. अकील ने इस मौके पर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया और आगे भी इस तरह के सेवा का करने के लिए आगे आने की बात कही ।
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