Space for advertisement

पंचायत चुनाव की मतगणना होते ही सीएम योगी ने दे दिया बड़ा आदेश, कल से पूरे प्रदेश में…




लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतगणना के बाद 4 मई से विशेषकर गांवों के लिए योगी सरकार स्पेशल ड्राइव शुरू करने जा रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को दिशा-निर्देश दिए. इस दौरान सीएम ने कहा कि कोविड संक्रमण से हमें गांवों को बचाना होगा. गांवों के प्रति विशेष सतर्कता की जरूरत है.

सीएम ने कहा कि प्रदेश की सभी 97 हजार राजस्व गांवों में कोविड टेस्टिंग का वृहद अभियान संचालित किया जाए. इस संबंध में सभी जरूरी तैयारी कर ली जाए. आरआरटी की संख्या बढ़ाई जाए. निगरानी समितियों से सहायता लें. जो लोग अस्वस्थ हों, पॉजिटिव पाए जाएं, उन्हें मेडिकल प्रोटोकॉल का मुताबिक उपचार दिया जाए. जरूरत पड़ने पर अस्पताल में एडमिट कराया जाए, क्वारेंटाइन किया जाएगा. होम आइसोलेशन में रखा जाए. पंचायत चुनाव की मतगणना के संपन्न होने के तत्काल बाद 4 मई से यह स्पेशल ड्राइव शुरू हो जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आज के दिशा-निर्देश

– कोविड टेस्टिंग के महत्व को देखते हुए उत्तर प्रदेश हर दिन टेस्टिंग को विस्तार दे रहा है. बीते 24 घंटों में हमने 2,97,021 सैम्पल टेस्ट किए हैं, इनमें से 1,28,000 से अधिक टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए।यह एक रिकॉर्ड है. उत्तर प्रदेश में अब तक 4.13 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं.
– विगत 24 घंटे में प्रदेश में 30,983 नए कोविड केस सामने आए हैं, जबकि इसी अवधि में 36,650 लोग उपचारित होकर स्वस्थ हुए हैं, यह स्थिति संतोषप्रद है. मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स, दो गज दूरी जैसे कोविड विहेवियर को सभी लोग अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं. कोविड से बचाव ही इसका उपचार है.

‘उत्तर प्रदेश सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य’

– कोविड से लड़ाई में टीकाकरण एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है. उत्तर प्रदेश सर्वाधिक वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है. अब तक प्रदेश के 1,03,54,904 लोगों को पहली डोज और 23,74,880 लोगों को दूसरी डोज़ लग चुकी है. इस तरह प्रदेश में 1.27 करोड़ डोज एडमिनिस्टर की जा चुकी है.

– प्रदेश में 18-44 आयु वर्ग के लोगों का कोविड टीकाकरण प्रारम्भ हो गया है. एक मई को अधिक एक्टिव केस वाले सात जिलों के 86 केंद्रों पर 18-44 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया गया.

अंतरराज्यीय बस सेवा को तत्काल स्थगित

– कोविड संक्रमण की चेन रोकने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता है. आवागमन न्यूनतम हो इसके लिए अंतरराज्यीय बस सेवा को तत्काल स्थगित कर दिया जाए. वायु सेवा से आवागमन करने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य किया किया जाए. गांवों में आने वाले हर एक प्रवासी व्यक्ति की टेस्टिंग की जाए. उन्हें क्वारेंटाइन किया जाए. ट्रेनों से आने वालों की तापमान जांच, संदिग्ध हों तो एंटीजन टेस्ट आदि कराया जाना सुनिश्चित करें.

– सीएम हेल्पलाइन, इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर सहित सभी प्रकार की हेल्पलाइन में सेवाएं दे रहे कार्मिक मरीज अथवा उनके परिजनों को सही और समुचित जानकारी दें. संवेदनशील व्यवहार किया जाए.

प्रदेश में ‘मैन पॉवर बैंक’ जैसा प्रयास किया जाए

– हमें अस्पतालों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता है. एक्स सर्विस मैन, सेवानिवृत्त चिकित्सक, आर्मी के रिटायर्ड लोग, अनुभवी पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल/पैरामेडिकल के अन्तिम वर्ष के छात्र/छात्राओं की सेवाएं ली जानी चाहिए. ऐसे में प्रदेश में मैन पॉवर बैंक जैसा प्रयास किया जाए. चिकित्सा शिक्षा मंत्री इस दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित कराएं.

– रेमेडेसिविर सहित सभी जीवनरक्षक दवाओं की प्रदेश में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है. मरीज की जरूरत के अनुसार पर्याप्त रेमडेसिविर उपलब्ध कराया जा रहा है. निजी अस्पतालों को देने के लिए जिलाधिकारियों/सीएमओ को रेमेडेसीवीर वॉयल दिए गए हैं. यह किसके प्रयोग में आ रहा है? इसका विवरण रखा जाए.

– प्रदेश में रेमेडेसीवीर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रतिदिन 50,000 वॉयल का आवंटन किया गया है. यह नया आवंटन प्रदेश में रेमेडेसीवीर की आपूर्ति सुचारु रखने में बहुत उपयोगी होगी. स्वास्थ्य मंत्री इस जीवनरक्षक दवा की मांग और आपूर्ति के वितरण की स्वयं मॉनिटरिंग करें. मांग, आपूर्ति और वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न होनी चाहिए. इसकी कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित कराएं.

सभी जिलों में बेड की क्षमता को दोगुनी करें

– प्रदेश के सभी जिलों में बेड की क्षमता को दोगुनी करने की कार्यवाही तेज की जाए. लखनऊ के आरएमएल में कोविड बेड की संख्या बढ़ाई जाए. केजीएमयू में जल्द ही डेढ़ सौ बेड जल्द ही और कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे. कैंसर हॉस्पिटल और डीआरडीओ द्वारा तैयार विशेष हॉस्पिटल भी बहुत जल्द क्रियाशील हो जाएंगे. चिकित्सा शिक्षा मंत्री इसकी हर दिन मॉनिटरिंग करें.

– कोविड प्रबंधन के लिए राज्य स्तर पर गठित टीम-09 की तर्ज पर सभी जिलों में विशेष टीम गठित किये जाने की आवश्यकता है. अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए, उसकी मॉनिटरिंग की जाए और जवावदेही तय की जाए.

साप्ताहिक बन्दी, रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू करें

– साप्ताहिक बन्दी, रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए. निगरानी समितियों से लेखपाल को भी जोड़ा जाना चाहिए.

– होम आइसोलेशन में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम 45-50 हजार मरीजों से संपर्क किया जाए. स्वास्थ्य मंत्री भी मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल लें.

– होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे लोगों को मेडिकल किट जरूर उपलब्ध कराएं. जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, स्वास्थ्य लाभ भी उतना ही शीघ्र होगा. ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों को इस कार्य में सक्रिय किया जाए.
loading...

Post a Comment

0 Comments

Adblock Detected

Like this blog? Keep us running by whitelisting this blog in your ad blocker

Thank you

×
Get the latest article updates from this site via email for free!