---Third party advertisement---

फैक्ट चेकर Mohammed Zubair गिरफ्तार, जानिए किस नेता ने क्या कहा

 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार शाम को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को गिरफ्तार किया. अब विभिन्न-विभिन्न पार्टियों के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं. चलिए आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा.

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने Alt News के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) को सोमवार, 27 जून 2022 को अरेस्ट कर लिया है. मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने सेक्शन 153 ए और 295 ए के तहत गिरफ्तार किया है. मोहम्मद जुबैर पर सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप हैं. 

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत कई अन्य नेताओं ने मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी की निंदा की है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि 'बीजेपी की नफरत, कट्टरता और उनके झूठ को उजागर करने वाला हर शख्स उनके लिए खतरा है. सच की आवाज उठाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार करने पर हजारों सामने आएंगे. अत्याचार पर हमेशा सत्य की विजय होती है.

ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा नेता अखिलेश यादव निंदा करते हुए कहते हैं कि 'अच्छे नहीं लगते हैं उन झूठ के सौदागरों को सच की पड़ताल करने वाले. जिन्होंने अपनी आस्तीन में हैं पाले, नफरत का जहर उगलने वाले.'

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि 'दुनिया के बेहतरीन पत्रकारों में से एक की गिरफ्तारी नींदनीय है, जो हर दिन भाजपा की फेक न्यूज फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हैं. बता दें कि डेरेक ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भी टैग किया है.

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने ऑल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) की गिरफ्तारी की निंदा की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 'मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी अत्यंत निंदनीय है. उन्हें बिना किसी नोटिस के किसी अज्ञात एफआईआर में गिरफ्तार किया गया है. ये प्रक्रिया का उल्लंघन है.' दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए ओवैसी ने कहा कि 'दिल्ली पुलिस मुस्लिम विरोधी नरसंहार के नारे लगाने वालों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती है, लेकिन अपराध की रिपोर्ट करने वाले और मिस इंफॉर्मेशन का मुकाबला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है.'  

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि धारा 153 दंगा करने के इरादे से किसी को उकसाने या दंगे करने पर लगाई जाती है. वहीं 295 ए की बात करें तो ये धारा तब लगाई जाती है जब कोई व्यक्ति किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का जानबूझकर अपमान करता है.

Post a Comment

0 Comments